मनी लांड्रिंग के आरोपों के मामले में सीबीआई ने लगातार दूसरे दिन स्वास्थ्य व पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ की.। समझा जाता है कि एजेंसी अभी शुरूआती जांच कर रही है।.
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सामने आई है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का है। यहां पुलिस स्टेशन में बंद आरोपी को भाजपा नेताओं द्वारा जबरदस्ती छुड़ाकर ले जाया गया।
बाबरी मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय कर दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत सभी 12 आरोपियों को जमानत भी दे दी है। सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने आरोप खारिज करने की मांग की है।
कर्नाटक कॉडर के आईएएस अनुराग तिवारी की संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई करेगी। मामले में लापरवाही बरतने के लिए पीसीआर से तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
सीवान के पत्रकार की हत्या के मामले में पूर्व राजद सांसद और बाहुबली शाहबुद्दीन को सीबीआई ने हिरासत में लिया है। सीबीआई मुख्यालय में उससे पूछताछ की जा रही है। समझा जाता है कि शाहबुद्दीन का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया जा सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में आईएसआईएस के समर्थन में नारे लिखे जाने की घटना सामने आई है। डीयू के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की दीवारों पर ये नारे लिखे गए हैं। शिक्षकों और छात्र संगठनों ने इस मामले की जांच की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दो पक्षों के बीच हुई झड़प के बाद शहर की हालत संवेदनशील बनी हुई है। शहर में पत्थरबाजी और फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। अब स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस द्वारा हालात को नियंत्रित करने और कड़ी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है।
कोलकाता पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए भाजपा नेताओं को आज अदालत के सामने पेश किया है। भाजपा नेताओं ने अपने पार्टी के लोगों पर हो रहे हमले और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को यह प्रदर्शन किया था, जिसने बाद में हिंसक रुप धारण कर लिया।
बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई में जुटी सीबीआई की विशेष अदालत ने भाजपा नेता लाल कृष्ण अडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी को 30 मई से पहले कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। वहीं, मामले से जुड़े सभी आरोपियों को भी 30 मई को पेशी के लिए मौजूद रहना होगा।
सीआरपीएफ के एक आईजी ने चौंकाने वाला दावा किया है। असम के सुरक्षा बलों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी ने एक फर्जी एनकाउंटर किए जाने की बात कही है।