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प्रथम दृष्टि: शराबबंदी के सवाल

“शराबबंदी की सफलता महज सियासी या प्रशासनिक उपायों से हासिल नहीं की जा सकती” अर्थशास्त्रियों के...

छत्तीसगढ़ी दिवस: 'राजभाषा' बनने के बाद भी 'जनभाषा' की लाचारी

"आज यानी 28 नवंबर को छत्तीसगढ़ में 'छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस' मनाया जा रहा है। लेकिन इस 'जनभाषा' के लिए सरकार...

“आमिर के साथ काम करना सहज”

“जब हम दंगल की कहानी लिख रहे थे, तब दिमाग में नहीं था कि किस अभिनेता को लेना है” मैं उन्हें दंगल की...

नए किरदार का इंतजार

“तीनों खान की स्टारडम यात्रा अब निर्णायक मोड़ पर है, इन्हें नए भारत में अपनी नई भूमिका तलाशनी...

प्रथम दृष्टि/ दरभंगा: छोटे शहर की उड़ान

“दरभंगा जैसे छोटे शहर से विमान सेवा की सफलता के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम हो सकते हैं, ऐसे इलाकों...

प्रथम दृष्टि: निष्पक्ष का पक्ष

“आर्यन प्रकरण को मीडिया का एक खेमा शाहरुख को प्रताड़ित करने की साजिश मान रहा है तो दूसरा खेमा एनसीबी...

नजरिया/ कांग्रेस का भविष्य: नेहरू की राजनीतिक विरासत के साथ नेहरू की वैचारिक विरासत को भी स्वीकार करने की जरूरत

“नेहरू की राजनीतिक विरासत का लाभ लेने के साथ नेहरू की वैचारिक विरासत को भी स्वीकार करना चाहिए” इस...

प्रथम दृष्टि: कब कहें अलविदा

“एक समय ऐसा भी आया जब अमिताभ के पास कोई काम नहीं था। यह उनके लिए सबक रहा होगा और इसलिए वे तब तक काम जारी...

जयंती स्पेशल- मिसाइल मैन ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने क्यों कहा था, 'सर, मेरे पास ना सूट है, ना जूते, सिर्फ चप्पल है'

भारत के गौरव, महान प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की जीवनगाथा श्रमसाध्य...

प्रथम दृष्टि । प्रतिस्पर्धा का रोमांच: विराट की परंपरा को आगे बढाएंगे रोहित

“क्या इसे विराट युग के अंत की शुरुआत के रूप देखा जा सकता है? ऐसा कहना निस्संदेह जल्दबाजी होगी।...

प्रथम दृष्टि/ परीक्षा घोटाला: जब मेधा बेमानी लगे

“हर वर्ष दस छात्र भी गैर-कानूनी तरीके से आइआइटी जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला लेने...

नजरिया: गरीब छात्रों की हकमारी न करें, धोखाधड़ी के कारण पिछड़ जाते हैं मेहनती मगर निर्धन छात्र

“बिना योग्यता के कॉलेज में दाखिला लेना आपको भी दुख देगा और हमेशा आपके ऊपर दबाव बना रहेगा” अभी...

श्रीकांत तिवारी का जादू: मनोज बाजपेयी पर अपर्णा पुरोहित का नजरिया

“कमतर व्यक्ति मत बनो!” इस सलाह ने श्रीकांत तिवारी को दूसरों से अलग बना दिया। कुछ कहानियां विचार के...

मेरा दोस्त मेरा उस्ताद: मनोज बाजपेयी पर देवाशीष मखीजा का नजरिया

“मनोज में वह खासियत है कि रिश्ते को एक्टर-डायरेक्टर के दायरे से आगे ले जाते हैं” अभिनेता मनोज के...