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दिल्ली ही नहीं समूचे उत्तर भारत में अटकने लगी सांस मगर केंद्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा की सरकारें बस एक-दूसरे पर आरोप लगाने में ही व्यस्त
अजीत सिंह

आर्थिक खस्ताहाली और नोटबंदी तथा जीएसटी की मार ने जमीन से निवेशकों को दूर किया तो दाम आधे से भी नीचे आ गए
अजीत सिंह और शशिकांत वत्स

तथाकथित दूसरी आजादी कहे जाने वाले जीएसटी का यूटोपिया सौ दिन में ही ध्वस्त होने लगा, त्योहारी सीजन में बाजार सूने और अर्थव्यवस्थाू ने लगाया गोता
हरवीर सिंह

छात्रों और उद्योगों के लिए चुनौतीपूर्ण साल में हम पेश कर रहे हैं देश के बिजनेस स्कूलों की सालाना रैंकिंग, दाखिला लेने वाले पहले सोचें, समझें तब लें फैसला
अरिंदम मुखर्जी

तमाम अड़चनों और वित्तीय बाधाओं से बाहर निकालने के उपायों से हाइवे और एक्सप्रेसवे निर्माण में गजब की रफ्तार, पर सावधानी की फिर भी दरकार और कई सवाल भी सामने
अजीत सिंह

मोदी मंत्रिमंडल के फेरबदल के कई सियासी फलक मगर सवाल बरकरार कि यह कितना कारगर
जयशंकर गुप्त

वक्त बदल रहा है, तंज और व्यंग्य सिमट रहा है तो स्टैंड-अप कॉमेडियन की वनलाइनर का बाजार बेतहाशा उछाल ले रहा है और चांदी काटने का धंधा बन रहा
आलोक पुराणिक

आदर्शवाद और विचारधारा चचेरे भाई जैसे हैं। सामान्य दौर में वे एक-दूसरे की अतियों पर अंकुश रखते हैं लेकिन फिलहाल भारत में यह सामान्य समय नहीं है, इस दौर में आदर्शों को झुठलाने के लिए राजनीति विचारधारा का इस्तेमाल करने लगी है
आशीष नंदी

पिछड़े नेताओं की आकांक्षा अमूमन एक प्रदेश की जाति-विशेष के नेता बने रहने से आगे बढ़ ही नहीं पाई, ऐसे नेतृत्व के चलते देश में पिछड़ी जातियों के उभार की क्रांतिकारी संभावनाएं छीज गईं
योगेन्द्र यादव

लुंजपुंज विपक्ष मोदी को चुनौती दे पाएगा, फिलहाल इसकी संभावना क्षीण, लेकिन राजनीति 'संभावना की कला’ है और कल को उठ खड़ा हो सकता है विपक्ष भी
कुलदीप कुमार


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