एक दशक से नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी की आपसी प्रतिद्वंद्विता के चलते राज्य दो ध्रुवों में बंटता गया, कांग्रेस और वाम मोर्चा हाशिए पर, इस चुनाव में जंग बेहद तीखी
असम का चुनाव मुख्यमंत्री सरमा और कांग्रेस के गौरव गोगोई की प्रतिद्वंद्विता में बदला, सत्ता विरोधी रुझान के बावजूद जोड़तोड़ और तीखे ध्रुवीकरण की फिजा पर नतीजे निर्भर
फिलहाल अस्थाई जंगबंदी की पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए की पेशकश पर ट्रम्प और ईरान दोनों तरफ की बेहद कड़ी शर्तों की जिद बनी रुकावट, दुनिया भर में तबाही के आसार ही ज्यादा
कथित 45 दिनों की फौरी जंगबंदी से कोई हल निकल भी जाए तब भी ईरान पर अमेरिकी-इज्राएली हमले ने दुनिया को एटमी हथियारों के कवच पर नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया
भाजपा का अपने विस्तार के लिए पहले गठबंधन बनाओ, फिर संगठन का विस्तार और अंत में नेतृत्व अपने हाथ में लेने का मॉडल कई राज्यों में सफल रहा है। इसके बरक्स विपक्ष की ताकत बिखरी हुई है