केंद्र की मोदी सरकार की कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह अब एक नया आयोग बनाया जाएगा, जिसे संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा।
यूपी के भाजपा सांसदों से पीएम मोदी ने साफ कहा है कि वह ट्रांसफर और पोस्टिंग पर ध्यान देने के बजाय विकास कार्यों पर ध्यान दे। सांसदों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनावों में सांसदों की मेहनत की प्रशंसा की और साथ ही इसी तरह परिश्रम आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया।
केन्द्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से तिरंगे के अपमान को रोकने के लिए ध्वज संहिता का सजगता से पालन कराने को कहा है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्य एवं संघ शासित सरकारों और केन्द्रीय मंत्रालयों को बुधवार को जारी परामर्श में राष्ट्रध्वज का सम्मान सुनिश्चित करने वाले कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।
भाजपा को यूपी और उत्तराखंड में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकलें हैं कि पार्टी गुजरात में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराने का दांव खेल सकती है।
योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 21 वें मुख्यमंत्री के रूप में रविवार को शपथ ले ली है। उनके बाद केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ने लालकृष्ण आडवाणी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इन तीनों के बाद 22 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली जबकि 24 राज्य मंत्रियों ने शपथग्रहण की।
देश की 60 प्रतिशत आबादी के 35 वर्ष से कम होने को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के अपने अभियान के केंद्र में युवाओं को रखा है और दलितों समेत समाज के कमजोर वर्ग को जोड़कर एक बार फिर 2014 के चुनावों की सफलता को दोहराने पर जोर दिया है।
ऑस्ट्रेलिय के प्रख्यात अर्थशास्त्री हेन्ज डी कुर्ज ने कहा है कि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिये नोटबंदी अधिक मजबूत कदम नहीं है। उन्होंने इस कदम को पत्थर को अंडे से मारने का प्रयास करार दिया।
योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की कमान देकर एक तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुआ खेला है। यह विमुद्रीकरण से भी बड़ा खतरा है, जिसे मोदी ने उठाया है। आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बन जाने से इतना तो साफ हो गया है कि मोदी को धारा के विपरीत बहना ही पसंद है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करारी हार के बाद पार्टी में ढांचागत बदलाव की मांग जोर पकड़ने पर कांग्रेस ने कहा कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी पहले ही शुरू कर चुकी है और इस समर में वह भाजपा को कड़ी चुनौती देगी।