कर्नाटक की राजधानी बेंग्लुरू से 40 किलोमीटर दूर दिनदहाड़े एक युवती से चलती बस में सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। युवती का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोने से जुड़ी तीन महत्वकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं का मकसद देश में सोने के बढ़ते आयात पर अंकुश लगाने और घरों तथा अन्य जगहों पर बेकार पड़े करीब 800 अरब डॉलर के 20 हजार टन सोने को उपयोग में लाना है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकार कार्पोरेट कर घटाकर 25 प्रतिशत करने की योजना के तहत अगले कुछ दिनों में कर छूटें खत्म करने का खाका पेश करेगी। इसके पहले चरण की घोषणा बजट में होगी।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कांग्रेस और वामदलों पर पलटवार करते हुए उन पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति वैचारिक असहिष्णुता अपनाने तथा संगठित दुष्प्रचार के जरिये भारत को असहिष्णु समाज के रूप में पेश करने के प्रयास करने का आरोप लगाया।
जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने अधिकारियों को डोगरा समुदाय के इतिहास पर आधारित प्रकाश और ध्वनि कार्यक्रम बनाने का निर्देश देते हुए मुबारक मंडी ऐतिहासिक कॉम्पलेक्स के मरम्मत कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा ताकि इसे पर्यटकों के लिए खोला जा सके।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव प्रक्रिया की वजह से आदर्श आचार संहिता लागू है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही दिन बाद वन रैंक वन पेंशन के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष से एक डांस ग्रुप की थाईलैंड यात्रा के लिए आठ लाख रुपये मंजूर किए जाने पर विवाद पैदा हो गया है। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि एक ऐसे समय में, जबकि राज्य भीषण सूखे की मार झेल रहा है, तब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?
प्रधानमंत्री मोदी ने आज कांग्रेस पर राजनीतिक स्वार्थ के कारण जल्दबाजी में आंध्र प्रदेश का बंटवारा करने का आरोप लगाया। मोदी ने कांग्रेस को युवाओं को भड़काने और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के बीच तनाव पैदा का दोषी करार दिया है।
डॉक्टर देवदत्त पट्टनायक भारतीय पुराणों, उपनिषदों पर लगातार काम करते रहे हैं। जल्द ही उनकी दो नई पुस्तकें इसी विधा पर आने वाली हैं। अपनी पुस्तक में वह उन कथाओं को समेटते हैं, जो अब लोगों के मस्तिष्क से मिट गई हैं। मिथक और पौराणिक कहानियों के बीच वह संतुलन बनाते हुए कालातीत हुए किस्से लिखना उनकी खूबी है। उनकी पुस्तक भारतीय पौराणिक कथाएं के अध्याय 3 – पुराकथा-निर्माण : पुराकथाओं का रूपान्तरण के अंश।
सामाजिक ताना-बाना समझना किसी के लिए भी आसान नहीं है। इस जटिलता को भी असगर वजाहत ने बहुत अच्छी तरह न सिर्फ समझा बल्कि उसे बयान करने का शिल्प भी कमाल का है। यह शब्द जाने-माने साहित्यकार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के हैं, जो उन्होंने असगर वजाहत की कहानियों को पढ़ने के बाद कहे थे।