यदि आप बिहार में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी भी हैं, तब भी आप पुलिस मुख्यालय की ताकतवर जातीय लॉबियों, नेताओं और उनके गुर्गों के उत्पीड़न से नहीं बच सकते।
संयुक्त राष्ट्र से जात आधारित भेदभाव को स्वीकार कर अपने मसौदे में शामिल करने की मांग ने जोर पकड़ा। एशिया दलित राइट्स फोरम ने मसौदे में सात संशोधन पेश किए।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ शहर में शुक्रवार सुबह होटल में लगी आग में मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है। 10 अन्य घायल हो गए हैं। मृतकों में दो डॉक्टर भी हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हादसे पर दुख जाहिर करते हुए मारे गये लोगों के परिजन को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से 6.1 करोड़ रूपये अधिक की संपत्ति कथित तौर पर अर्जित करने के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ जांच शुरू कर दी। आरोप है कि वीरभद्र ने यह संपत्ति केंद्रीय इस्पात मंत्री रहने के दौरान अर्जित की थी।
अगर शीर्षक पढ़ कर चौंक गए हैं तो सही चौंके हैं। लेकिन उतना भी सही नहीं। दरअसल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन सरकार की कन्यादान योजना के तहत अब उन वर-वधू को 12,000 रुपये की सहायता देंगे जिनके घर में शौचालय नहीं है। इस पैसे से नवदंपति शौचालय बनवाएंगे। तो हुआ न यह कन्यादान में शौचालय।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में खाली पदों पर बुधवार को जारी सूची में सबसे चौकाने वाला नाम कैलाश विजयवर्गीय का था। विजयवर्गीय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए बड़ा खतरा बताए जा रहे थे। लेकिन विजयवर्गीय को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर पार्टी अब कुछ और जिम्मेदारी देने के मूड में हैँ।
शनिवार को दो सड़क हादसे में करीब ४० लोगों की मौत हो गई। पहली घटना आंध्र प्रदेश की है जहां दौलेश्वरम में गोदावरी नदी पर बने एक पुल से एक वाहन गिर जाने से उसमें सवार सात बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ट्रैक्टर -टालियों पर सवार लोगों को पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें १७ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि ३० से अधिक लोग घायल हुए हैं।
प्रख्यात लेखक और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने शनिवार को कहा कि 28 साल पहले मेरठ के हाशिमपुरा में हुए जनसंहार मामले में तत्कालीन सरकार ने पीएसी बल के विद्रोह के डर से समुचित कार्रवाई नहीं की थी और बाद में आई तथाकथित धर्मनिरपेक्ष सरकारों ने भी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कोई गंभीर पहल करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो आज आईसीडीएस योजना के तहत अंडा दिए जाने की इतनी मुखालफत कर रहे हैं उन्होंने ही सात साल पहले होशंगाबाद जिले में अंडा दिए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। उस समय वह मुख्यमंत्री थे। होशंगाबाद के आदिवासी ब्लॉक में अंडा दिए जाने के लिए उन्होंने प्रोजेक्ट शक्तिमान को हरी झंडी दी थी। इस प्रोजेक्ट का नाम फिल्मकार मुकेश खन्ना के सीरियल शक्तिमान के नाम पर था। प्रोजेक्ट के तहत कुपोषित बच्चों को उबला अंडा और उबले आलू देने का प्रावधान था लेकिन आज वही शिवराज सिंह हैं जो अंडा न दिए जाने की बात पर अटल हैं।