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शिवसेना ने मोदी को ललकारा, लखनऊ जाकर करें राम मंदिर बनाने की घोषणा

शिवसेना ने मोदी को ललकारा, लखनऊ जाकर करें राम मंदिर बनाने की घोषणा

भाजपा की लंबे समय से सहयोगी शिवसेना ने लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशहरा मनाने की योजना पर कटाक्ष किया है। शिवसेना ने कहा है कि लखनऊ जाकर मोदी अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने की घोषणा करें।
'हर बार हमने शुरू की जंग, भारत से कभी कोई खतरा नहीं'

'हर बार हमने शुरू की जंग, भारत से कभी कोई खतरा नहीं'

भारत-पाक के बीच तनाव के माहौल में इन दिनों पाकिस्तानी वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल असगर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर हो रहा है। 2011 के एक इंटरव्यू में खान ने पाकिस्तान के डिफेंस प्रमुखों को भ्रष्ट बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान की भारत नीति हमेशा से गलत रही है, जबकि पाक को भारत की ओर से कभी खतरा नहीं रहा है। असगर ने कहा था कि पाकिस्तानी हुकूमत और डिफेंस के लोग अपने फायदे के लिए भारत के खिलाफ युद्ध की भावनाएं भड़काते रहते हैं, जबकि असलियत में पाक को भारत से कभी कोई खतरा नहीं रहा।
पाक की साजिशों को 1961 में पहले ही भांप लिए थे दीनदयाल उपाध्‍याय

पाक की साजिशों को 1961 में पहले ही भांप लिए थे दीनदयाल उपाध्‍याय

भाजपा की विचारधारा पर अमिट छाप छोड़ने वाले अमर विचारक दीनदयाल उपाध्याय ने 1961 में ही पाकिस्तान की नीयत को भांप लिया था। उन्होंने उस समय कहा था कि अधिक जमीन और पानी की पाकिस्तान की मांगों को स्वीकार कर भारत रणनीतिक तौर पर युद्ध हार रहा है। इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के सीमावर्ती इलाकों में ऐसे लोग नहीं होने चाहिए जिनकी 'ईमानदारी पर शक हो' और 'भारत की सीमा के कम से कम 15 मील के क्षेत्र में ऐसे लोग होने चाहिए जिन पर भरोसा किया जा सके।'
चंडीगढ़ पहुंचीं 19 पाकिस्तानी लड़कियां बोलीं, सिर्फ मीडिया में है जंग का माहौल

चंडीगढ़ पहुंचीं 19 पाकिस्तानी लड़कियां बोलीं, सिर्फ मीडिया में है जंग का माहौल

उड़ी हमले की पृष्ठभूमि में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पड़ोसी देश की 19 लड़कियां मंगलवार की रात चंडीगढ़ पहुंचीं। इन लड़कियों का मानना है कि जंग का यह अफसाना सिर्फ हमारी सरकारों और मीडिया तक सीमित है जबकि सरहद के दोनों तरफ की आवाम को अमन चाहिए।
जंग के बगैर करें फौजी कार्रवाई

जंग के बगैर करें फौजी कार्रवाई

हम कितनी भी कोशिश कर लें- कूटनीतिक औजार कभी पाकिस्तान के साथ काम नहीं आते। अरसे से भारत का यही अनुभव रहा है। हमारे सामने हमेशा यही स्थिति बन जाती है कि बदनाम देश को हम और कितना बदनाम करें?
चीन ने कश्मीर पर पाकिस्तान का पक्ष लेने की पुष्टी से फिर किया इनकार

चीन ने कश्मीर पर पाकिस्तान का पक्ष लेने की पुष्टी से फिर किया इनकार

चीन ने एक बार फिर भारत-पाक के बीच जारी तनाव और कश्मीर पर पाकिस्तान का साथ देने से साफ इनकार किया है। चीन ने युद्ध की स्थिति और कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ उसके खड़े होने से संबंधित पाकिस्तानी मीडिया की खबरों का आज खंडन किया।
इशरत एनकाउंटर मामला: लापता फाइल मामले में गृह मंत्रालय ने दर्ज कराई एफआईआर

इशरत एनकाउंटर मामला: लापता फाइल मामले में गृह मंत्रालय ने दर्ज कराई एफआईआर

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विवादास्पद इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले से जुड़े लापता दस्तावेजों के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इस कदम से भाजपा एवं कांग्रेस के बीच राजनीतिक वाकयुद्ध तेज हो सकता है।
प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

प्रचंड ने की मोदी से मुलाकात, दोनों पक्षों में हुए तीन अहम समझौते

भारत यात्रा पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पड़ोसी देश के राजनीतिक परिवर्तन से गुजरने के बीच भारत ने वहां सभी वर्गों की आकांक्षाओं को समावेशित कर देश के संविधान के क्रियान्वयन की वकालत की और इस हिमालयी राष्ट्र में चीन द्वारा अपने पैर जमाने की कोशिशों के बीच उसे सभी संभव सहायता का आश्वासन दिया।
गौरक्षकों पर बयान के बाद मोदी ने आरएसएस प्रचारकों को भोज पर बुलाया

गौरक्षकों पर बयान के बाद मोदी ने आरएसएस प्रचारकों को भोज पर बुलाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के 7 रेस कोर्स रोड स्थित अपने आवास पर आरएसएस के प्रचारकों के लिए एक भोज का आयोजन किया। गौरक्षकों पर सख्त बयान के बाद मोदी की इस दावत को डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश: बहुत पहले पड़ गए थे मुलायम परिवार में दरार के बीज

उत्तर प्रदेश: बहुत पहले पड़ गए थे मुलायम परिवार में दरार के बीज

समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच की ताजा जंग का ठीकरा बेशक दो मंत्रियों की बर्खास्तगी या मुख्य सचिव को हटाए जाने पर फूट रहा हो मगर सच्चाई यह है कि विवाद केवल इतना भर नहीं है बल्कि उसकी जड़ें बेहद गहरी हैं। इस विवाद का बीज उस दिन ही पड़ गया था जब विधानसभा चुनावों से ऐन पहले अखिलेश से चर्चा के बिना ही बाहुबली डीपी यादव को सपा में शामिल कराने को हरी झंडी दी गई थी। इस पर प्रदेश पार्टी के मुखिया अखिलेश ने डीपी यादव को न लेने का एलान कर पहली बार चाचा शिवपाल को अपनी ताकत का एहसास कराया।
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