दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को अब कानून मंत्रालय का भी कार्यभार दे दिया गया है। इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा को कानून मंत्री बनाया गया था।
कुपोषण एक ऐसी बीमारी जो कि बच्चों के विकास में बाधक ही नहीं बल्कि समाज के लिए चिंता का विषय है। कुपोषण से मुक्ति की सरकार लाख कोशिशें कर ले लेकिन इससे मुक्ति एक सपना बन गया है। राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और सेव द चिल्ड्रेन के लिए किए जा रहे शोध के दौरान पाया गया कि सरकारी आंकड़े कुपोषण को लेकर कुछ और स्थिति बताते हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और होती है।
राजस्थान में कथित एंबुलेंस घोटाले में शनिवार को कंपनी के निदेशकों के ठीकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की। इस मामले में दर्ज की गई प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को भी नामजद किया गया है। इस मामले में आज शनिवार को सीबीआई ने पहली बड़ी छापेमारी की।
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई इस बार वोट मांग नहीं रहे बल्कि दे रहे हैं। संगीत के एक टीवी इंडियन आइडल जूनियर सीजन – 2 में असम से एक प्रतिस्पर्धी नाहिद आफरीन के लिए गोगोई ने वोट किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले के प्राचीर से जब अपना दूसरा भाषण दे रहे थे तो वह जोश नजर नही आ रहा था जो एक साल पहले था। नरेंद्र मोदी के आज के भाषण में जो नई घोषणाएं थी उसको लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर साल 2014 में 15 अगस्त को जो वादा किया था उसका क्या हुआ।
नियति की विडंबना देखिए कि लुइस बर्जर मामले में हाल में गिरफ्तार किए गए गोवा के पूर्व लोकनिर्माण विभाग मंत्री चर्चिल अलेमाओ को उसी जेल में रखा गया है, जिसकी कभी उन्होंने आधारशिला रखी थी।
इस साल यानी 2015 में हम मिलेनियम डेवलेपमेंट गोल्स पाने के करीब हैं। सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने ये लक्ष्य अपने लिए तय किए थे और इनमें भारत भी एक है। इन लक्ष्यों में गरीबी, भुखमरी को दूर करना, प्राइमरी शिक्षा सब तक पहुंचाना, लैंगिक समानता के साथ माताओं का स्वास्थ्य भी एक लक्ष्य तय किया गया था। हम इस लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे या नहीं इस बहस को एक तरफ रखकर अगर देखें तो जानेगें कि हम इस (माताओं के स्वास्थ्य) लक्ष्य की तरफ अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाएं हैं।
किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में किसान संगठन लामबंद होने लगे हैं।
चार महीने पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रुसेल्स की प्रस्तावित यात्रा को यूरोपीय संघ (ईयू) ने कोई तरजीह नहीं दी थी लेकिन अब उसने भारत-ईयू सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। यह सम्मेलन तुर्की में नवंबर में होने वाले जी-20 की बैठक से ठीक पहले या बाद में हो सकता है।