वित्त मंत्री अरुण जेटली 16 जून से अमेरिका यात्रा पर जा रहे हैं। वह 16 जून से शुरू होने वाली इस यात्रा के दौरान अमेरिका के वित्त मंत्री, विदेशी संस्थागत निवेशकों तथा उद्योगपतियों से मिलेंगे।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, गृह मंत्रालय भारतीय एनजीओ को मिलने वाले विदेशी अनुदान पर नियम-कायदों का शिकंजा कसने के लिए एक नया तंत्र विकसित करने जा रहा है, जिसकी घोषणा 15 जून तक हो सकती है। इस नई नियामक व्यवस्था में खुफिया ब्यूरो, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और गृह मंत्रालय की एफसीआरए विंग के बीच मजबूत तालमेल रहेगा। विदेशी अनुदान हासिल करने वाले सभी गैर-सरकारी संगठनों को एक वेबसाइट बनानी होगी और फंड हासिल करने के 48 घंटे के अंदर इसकी जानकारी सार्वजनिक कर अपनी गतिविधियों और सहयोगी संस्थाओं की पूरी जानकारी देनी पड़ेगी।
प्रख्यात लेखक और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने शनिवार को कहा कि 28 साल पहले मेरठ के हाशिमपुरा में हुए जनसंहार मामले में तत्कालीन सरकार ने पीएसी बल के विद्रोह के डर से समुचित कार्रवाई नहीं की थी और बाद में आई तथाकथित धर्मनिरपेक्ष सरकारों ने भी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कोई गंभीर पहल करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की।
सन 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ से अब तक उबर नहीं पाए जम्मू के किसानों को उस समय एक और झटका लगा जब राज्य सरकार की ओर से उन्हें महज 32 रुपये से लेकर 113 रुपये की राशि वाला चेक प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित आलोचना पर छात्रों के एक संगठन की मान्यता रद्द कर दिए जाने के विरोध में यहां आईआईटी मद्रास के बाहर एक सड़क को बंद करने का प्रयास करने के लिए वामपंथी छात्रा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कई कार्यकर्ताओं को आज हिरासत में ले लिया गया।
सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में एक बात सामने आई है कि सलमान के बहुचर्चित हिट एंड रन मामले के कागजात आग में जल गए हैं। सलमान फिलहाल इसी मामले में जमानत पर बाहर हैं।
भाजपा नरेंद्र मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियों को गिनाने के लिए पूरे देश में कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। वहीं कांग्रेस देश भर में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है।
दिल्ली में वर्चस्व की लड़ाई पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। हाईकोर्ट का मानना है कि उपराज्यपाल का बढ़ता हस्तक्षेप और केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना जनादेश के सम्मान के खिलाफ है।
दिल्ली में उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच छिड़े विवाद में केंद्र सरकार के भी कूद पड़ने पर उद्योग संघ ने कड़ी टिप्पणी की है। एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी की जनता ने अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए केजरीवाल सरकार को चुना है, लोगों को संविधान में लिखे शब्दों से कोई लेना-देना नहीं है।