महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आज सहारनपुर में निकाली गई शोभा यात्रा को लेकर दो पक्षों में टकराव हो गया। जुलूस को लेकर शुरु हुए बवाल में एक युवक की मौत हो गई।
अभी तो हमारे हनुमान जी बड़े अपमार्केट भगवान हैं। हॉलीवुड एक्शन हीरो हनुमान के मुकाबले कहीं नहीं ठहरते। लंका जलाने से लेकर संजीवनी बूटी लाने तक हनुमान की कथा इस बार बड़ी मजेदार ढंग से देखने को मिलेगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने हनुमान जयंती के दिन मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में सांसदों से कहा कि वे भक्त प्रवर हनुमान जी की तरह कार्य के लिए हमेशा तत्पर रहें।
उर्दू भाषा में कहानियां बयान करने की विधा दास्तानगोई 20वीं सदी की शुरूआत की कई महान हस्तियों की जिंदगी के सफर को समेटे हुए है जिनमें गांधी के मोहनदास से महात्मा बनने की कहानी भी शामिल है।
केरल के महत्वपूर्ण त्यौहार ओणम के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह द्वारा ‘वामन जयंती’ की बधाई दिए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ओणम का सप्ताह व्यापी त्यौहार राजा महाबली की घर वापसी के तौर पर मनाया जाता है। मान्यता है कि उनका राज्य और शासन विष्णु के अवतार वामन ने छीन लिया था। अमित शाह के बधाई संदेश में वामन अवतार को महाबली के सिर पर पैर रखे हुए दिखाया गया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। शुकवार को राहुल ने अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किए। साल 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस के बाद अयोध्या की यात्रा करने वाले वाले नेहरू-गांधी परिवार के राहुल पहले सदस्य हैं।
हर साल की तरह इस साल भी हंस की सालाना गोष्ठी दिल्ली के एवाने गालिब सभागार में हुई। प्रेमचंद जयंती पर होने वाली गोष्ठी में इस बार का विषय था, लोकतंत्र और राष्ट्रवाद में मीडिया की भूमिका।
छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए मंदिर तोड़ने पहुंचे निगम के दस्ते को वापस भेज दिया। नेताओं के इस गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा, शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन मंदिर को तोड़े जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करा पाने के लिए हमर संगवारी संस्था ने निगम प्रशासन को दोषी बताया है।
महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश देकर भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने देश को अहिंसा के रास्ते आजादी दिलाई और विश्व को सत्य और प्रेम के माध्यम से एकजुट होकर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। वह आदमी के द्वारा आदमी का शोषण किए जाने के खिलाफ थे। उन्होंने सत्य को ईश्वर माना और अपने विचारों पर हमेशा दृढ़ रहे। यह बातें राजधानी कालेज में महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लोटने की सौवीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने कही।