एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी को हुए नुकसान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विधानसभा चुनाव के मुकाबले उसका वोट प्रतिशत घटकर करीब आधा रह गया है।
दिल्ली नगर निगम के 270 वार्डों के लिए आज मतदान संंपन्न हो गया है। इस दौरान ईवीएम मशीनाेें में कई जगह गड़बड़ियों की शिकायतें आईं लेकिन मोटे तौर पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
गोवा में सरकार बनाने का मौका गंवाने के तकरीबन डेढ़ महीने बाद कांग्रेस महासचिव नेता दिग्विजय सिंह ने मान कि गोवा फाॅरवर्ड पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं करना एक गलती थी।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए जहां उनसे ईडी के जांच अधिकारियों ने पूछताछ की है। इस मामले में उनके करीबी लोगों से ईडी पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
दिल्ली कांग्रेस में नाराज नेताओं का विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने भी अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए। उनका कहना था कि अगर पार्टी संभल नहीं रही है तो राहुल गांधी पद छोड़ दे। उनका अध्यक्ष बनना एक आपदा से कम नहीं होगा।
दिल्ली पुलिस ने अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनकरन के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। उन पर चुनाव आयोग के एक अधिकारी को घूस देने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि यह कदम दिनकरन के एनआरआई होने और विदेश फरार हो सकने की जानकारी सामने आने के बाद उठाया गया है।
कांग्रेस ने एमसीडी चुनाव के लिए अलग से यूथ मैनिफेस्टो जारी किया है। दिल्ली में युवा मतदाताओं की संख्या को देखते हुए इसे अहम माना जा रहा है। इस बार निगम चुनाव में एक लाख से ज्यादा लोग पहली बार मतदाता बने हैं जिनमें 40 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने अभी 18 साल की उम्र पूरी की है।
कहावत है जब जहाज डूबता है तो सभी साथ छोडक़र भागने लगते हैं। कुछ इसी तरह का आलम दिल्ली कांग्रेस पार्टी का हो गया है। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के पार्टी छोड़ने के बाद अब कई और बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने की चर्चा है। बताया जाता है कि इन नेताओं का कार्यक्रम अभी गुप्त रखा गया है और यह नेता भाजपा आलाकमान के संपर्क में हैं।
यूपी में सरकार बदलते ही इसका असर भी दिखाई देने लगा है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर बनने वाले छह बिल्डरों के 17 प्रोजेक्टों को रद्द कर दिया है। इनमें गौर सन्स, अजनारा, जेपी ग्रुप और ओरिस इंफ्रा जैसे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इससे खासी संख्या में निवेशकों में घबराहट और आशंका पैदा हो गई है।