शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए दो फैसलों से देश में महंगाई की आग और भड़कने वाली है। एक फैसला पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ोतरी का है जिसके तहत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल पर 1.6 रुपये और डीजल पर 40 पैसे प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है।
ऑपरेशन अक्षरधाम किताब अक्षरधाम मंदिर पर हमले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नए सिरे से जांच-पड़ताल करने की जरूरत को रेखांकित करती है। इस घटना मे असली अपराधी फिलहाल लापता हैं, हालांकि उनके बारे में संकेत मौजूद हैं। गहरी जांच-पड़ताल व गंभीर राजनीतिक विश्लेषण के साथ, और जोखिम उठाकर, लिखी गयी 'ऑपरेशन अक्षरधाम’ बहुत जरूरी, प्रासंगिक व महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।
इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक एक हुजूम नारे लगाता चल रहा है। इसे सोशल मीडिया ने कलबुर्गी-पानसरे की हत्या के पक्ष में भी देखा। लेकिन वहां ‘राष्ट्रवादियों’ ‘संघियों’ और ‘भक्तों’ के अलावा भी कई लोग भारत के लिए आए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोने से जुड़ी तीन महत्वकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की। इन योजनाओं का मकसद देश में सोने के बढ़ते आयात पर अंकुश लगाने और घरों तथा अन्य जगहों पर बेकार पड़े करीब 800 अरब डॉलर के 20 हजार टन सोने को उपयोग में लाना है।
लेखकों, शिक्षाविदों और कलाकारों का एक समूह आज नरेंद्र मोदी सरकार के समर्थन में सामने आया। इस समूह ने असहिष्णुता के प्रतिरोध को एक सिरचढ़े वर्ग की अपनी घटती अहमियत के खिलाफ एक तरह की नौटंकी बताकर खारिज कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद मुनमुन सेन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी से पार्टी ने दूरी बनाते हुए इसे उनका निजी विचार बताया। तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने एक बयान में कहा, मेरी सहयोगी मुनमुन सेन द्वारा की गई टिप्पणी उनका निजी विचार है, पार्टी का नहीं।
पिछले कुछ हफ्तों में लेखकों वैज्ञानिकों और कलाकारों के सम्मान लौटाने की बाढ़ देखी गई। पुरस्कार लौटाने के जरिये ये सम्मानित और पुरस्कृत लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए खड़े हुए हैं। बढ़ती असहिष्णुता और हमारे बहुलतावादी मूल्यों पर हो रहे हमलों पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इन शिक्षाविदों, इतिहासकारों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के कई बयान भी आए हैं। जिन्होंने अपना पुरस्कार लौटाया है वे सभी साहित्य, कला, फिल्म निर्माण और विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों में से हैं। इस तरह सम्मान लौटाकर उन सभी लोगों ने सामाजिक स्तर पर हो रही घटनाओं पर अपने दिल का दर्द बयान किया है।