Home दुनिया अंतरराष्ट्रीय जब इंसान के शरीर में लगाया गया इस जानवर का दिल, जानें कैसी है मरीज की हालत

जब इंसान के शरीर में लगाया गया इस जानवर का दिल, जानें कैसी है मरीज की हालत

आउटलुक टीम - JAN 11 , 2022
जब इंसान के शरीर में लगाया गया इस जानवर का दिल, जानें कैसी है मरीज की हालत
जब इंसान के शरीर में लगाया गया इस जानवर का दिल, जानें कैसी है मरीज की हालत
प्रतिकात्मक तस्वीर
आउटलुक टीम

मेडिकल साइंस की दुनिया में अमेरिका के डॉक्टरों ने एक नया इतिहास रच दिया है। डॉक्टरों ने इंसान के शरीर में सूअर का दिल ट्रांसप्लांट किया है। उन्होंने एक 57 वर्षीय शख्स में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर का दिल सफलतापूर्वक लगाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया अंग दान की कमी को हल करने में मदद कर सकती है।

बता दें कि दुनिया के चिकित्सा जगत के लिए यह बड़ी अच्छी खबर है। इससे हृदय प्रत्यारोपण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। इससे हृदय की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाखों लोग के दिल के प्रत्यारोपण का नया रास्ता खुल गया है।

एएफपी न्यूज़ एजेंसी की खबर के मुतबाकि, अमेरिका के दवा नियामक एफडीए ने इस सर्जरी के लिए नए साल की पूर्व संध्या पर मंजूरी दी थी। सूअर के दिल के प्रत्यारोपण की यह आपात मंजूरी एक 57 साल के पीड़ित व्यक्ति की जान बचाने के लिए अंतिम उपाय था।

यह ऐतिहासिक सर्जरी शुक्रवार को संपन्न हुई। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल स्कूल ने सोमवार को को बयान जारी कर इस सर्जरी के बारे में मीडिया को जानकारी दी। यह शल्य चिकित्सा पशुओं के अंगों के इंसान में प्रत्यारोपण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के बयान के अनुसार पीड़ित डेविड बेनेट की हालत काफी नाजुक थी। इसलिए उसकी जान बचाने के लिए आनुवांशिक रूप से परिवर्तित सूअर का हृदय प्रत्यारोपित करने का फैसला किया गया। डेविड की हालत में अब सुधार हो रहा है और उस पर पूरी नजर रखी जा रही है कि नया अंग किस तरह काम कर रहा है। बेनेट का परंपरागत रूप से होने वाले हृदय प्रत्यारोपण नहीं हो सकता था, इसलिए अमेरिकी चिकित्सकों ने यह बड़ा फैसला लेकर सूअर का दिल प्रत्यारोपित कर दिया।

मैरीलैंड के रहने वाले डेविड ने सर्जरी के एक दिन पहले कहा था कि उसके सामने दो ही रास्ते थे। एक ओर मौत थी और दूसरी ओर इस प्रत्यारोपण के जरिए नए जीवन की आस। अंधेरे में चौका लगाना मेरे लिए अंतिम विकल्प था। बेनेट पिछले कई माहों से बिस्तर पर ही हार्ट-लंग बायपास मशीन के सहारे जी रहे थे। उन्होंने उम्मीद है कि अब वह एक बार फिर उठ खड़े होंगे। बेनेट में सू्अर का हृदय प्रत्यरोपित करने वाले डॉ. बार्टले ग्रिफिथ ने कहा कि हृदय की शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में यह बड़ी सफलता है। इससे अंगदान की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से