Home दुनिया अंतरराष्ट्रीय नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत से तीसरी बार खारिज

नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत से तीसरी बार खारिज

आउटलुक टीम - MAY 09 , 2019
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत से तीसरी बार खारिज
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत से तीसरी बार खारिज
आउटलुक टीम

ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जमानत याचिका बुधवार को तीसरी बार खारिज कर दी। नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक के साथ दो अरब डॉलर तक की बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले के आरोपी हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हल्के नीले रंग की कमीज और पैंट पहने मोदी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट के सामने पेश हुए।

मोदी के वकीलों ने क्या कहा?

मोदी के वकीलों ने जमानत राशि को बढ़ाकर दोगुना यानी 20 लाख पाउंड करने की पेशकश की। साथ ही उन्होंने कहा कि वह लंदन स्थित अपने फ्लैट में 24 घंटे की नजरबंदी में रहने के लिए तैयार हैं। लंबी सुनवाई के दौरान बैरिस्टर क्लेयर मोंटगोमेरी ने जज से कहा कि वैंड्सवर्थ जेल मे स्थितियां रहने लायक नहीं हैं। मोदी किसी भी शर्त को मानने को तैयार हैं जो उन पर लगायी जाएंगी।

जज ने क्या कहा?

हालांकि, जज मोदी के वकीलों की इन दलीलों से सहमत नहीं हुईं। जज आर्बुथनॉट ने कहा कि धोखाधड़ी की राशि बहुत ज्यादा है और ऐसे में 20 लाख पौंड की जमानत राशि नाकाफी है। यदि उन्हें जमानत दे दी गयी तो वह आत्मसमर्पण करने से बचे रहेंगे, इसलिए अदालत ने मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया।

इससे पहले भारत की ओर से दलील रखते हुए क्राउन प्रासिक्यूशन सर्विस ने कहा कि मोदी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि बचाव पक्ष ने जो सबूत पेश किए हैं वे परिस्थितियों में किसी तरह का बदलाव नहीं दर्शाते हैं।

19 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी

पिछले साल जनवरी में पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था। इससे पहले ही नीरव विदेश भाग गया था। जिसके बाद भारतीय जांच एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 13,500 करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी के आरोप में नीरव मोदी को 19 मार्च को लंदन में अरेस्ट किया गया था। पीएनबी धोखाधड़ी के मामले में ईडी ने 26 फरवरी को उनकी संपत्ति जब्त की थी। नीरव ने धोखाधड़ी से पीएनबी से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये हासिल किए थे।

इससे पहले 9 मार्च को नीरव का एक वीडियो सामने आया था। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक नीरव लंदन में रहकर हीरे का बिजनेस कर रहा है। उसके बाद लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। भारत की अपील पर 19 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उस दिन भी जमानत अर्जी खारिज हुई थी।

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