Home दुनिया अंतरराष्ट्रीय भारतीय परिवार के लिए अंतिम साबित हुई सफारी छुट्टियां, इथोपियाई विमान क्रैश में 6 की मौत

भारतीय परिवार के लिए अंतिम साबित हुई सफारी छुट्टियां, इथोपियाई विमान क्रैश में 6 की मौत

आउटलुक टीम - MAR 12 , 2019
भारतीय परिवार के लिए अंतिम साबित हुई सफारी छुट्टियां, इथोपियाई विमान क्रैश में 6 की मौत
इथियोपियाई एयरलाइंस क्रैश: भारतीय परिवार के लिए अंतिम साबित हुई सफारी छुट्टियां
आउटलुक टीम

कनाडा में रहने वाले एक भारतीय परिवार के लिए छुट्टियों की यात्रा जीवन की अंतिम यात्रा बन गई। यह परिवार पहली बार सफारी का अनुभव लेने जा रहा था। लेकिन केन्या में एक दुर्घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया।

एक दुखद घटना में, केन्या के एक सफारी पार्क में "ट्रिप ऑफ ए लाइफटाइम" कनाडा में रह रहे एक भारतीय परिवार के छह सदस्यों के लिए दुःस्वप्न में बदल गया जब नैरोबी को जाने वाले इथियोपियन एयरलाइंस का विमान टेक-ऑफ के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बोइंग 737 ने रविवार को बोल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी और छह मिनट बाद संपर्क खो दिया, बिशोफ के इथियोपियाई शहर के बाहर तुलु फारा गांव के पास विमान गिरने से सभी 149 यात्रियों और आठ चालक दल के लोगों की मौत हो गई। यात्रियों में पर्यटक, पेशेवर और व्यावसायिक यात्री शामिल थे।

ब्रैम्पटन मेयर पैट्रिक ब्राउन को कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के हवाले से बताया गया कि पीड़ितों में 73 वर्षीय पन्नगेश वैद्य के साथ 67 वर्षीय उनकी पत्नी हंसिनी वैद्य, 37 साल की बेटी कोशा वैद्य, 45 साल के उनके पति प्ररित दीक्षित और उनके दो बच्चे- अनुष्का और आश्का शामिल थे। वैद्य दंपति सूरत के थे जबकि उनकी बेटी, उनके पति और दोनों बच्चे भारतीय मूल के केनेडाई नागरिक थे। कनाडा में रहने वाला यह परिवार,  सफारी छुट्टी मनाने के लिए  केन्या में था जब यह दुर्घटना हुई। ब्राउन ने कहा कि "इस परिवार के लिए यह अविश्वसनीय और दुखद स्थिति है। दुःख और प्रतिबिंब के इस समय के दौरान हमारे विचार और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं।"

पन्नगेश के बेटे मन्नत वैद्य ने कहा कि उनके लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है। मैंने अपने माता-पिता, बहन-जीजा और दोनों भांजियों को खो दिया। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा। मन्नत ने बताया कि उसकी बहन 2003 में स्थाई निवासी हो गई थी। वह अपने बच्चों को अपना जन्मस्थान केन्या दिखाना चाहती थी। उनका कहना था कि मार्च की छु्ट्टियां इसके लिए सबसे अच्छी हैं। सब ठीक रहता तो यह ट्रिप सच मंं यादगार होने वाला था। मैंने अपने पिता से पूछा भी था कि वो फिर से केन्या क्यों जाना चाहते हैं तो उन्होंने कहा था अपने जीवन में एक बार और वहां जाना चाहते हैं।

इस हादसे के बाद अश्का और अनुष्का के स्कूल में भी गम का माहौल है। मन्नत का कहना है कि उसने अपने परिवार को आखरी बार शनिवार की सुबह देखा था जब वह टोरंटो एयरपोर्ट पर सुबह अपने परिवार को छोड़ने गया था।

फ्लाइट नंबर इटी 302 में 35 देशों के लोग सवार थे। इथियोपिया में भारतीय दूतावास के अनुसार, चार भारतीय प्लेन क्रेश में मारे गए हैं और उनकी पहचान पन्नगेश वैद्य, हंसिनी वैद्य, नुकावरापु मनीषा और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की सलाहकार शिखा गर्ग के रूप में की गई है।

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