Home दुनिया अंतरराष्ट्रीय माल्या के प्रत्यर्पण पर सुनवाई आज, अपील खारिज हुई तो 28 दिन के अंदर आ सकता है भारत

माल्या के प्रत्यर्पण पर सुनवाई आज, अपील खारिज हुई तो 28 दिन के अंदर आ सकता है भारत

आउटलुक टीम - JUL 02 , 2019
माल्या के प्रत्यर्पण पर सुनवाई आज, अपील खारिज हुई तो 28 दिन के अंदर आ सकता है भारत
माल्या के प्रत्यर्पण पर सुनवाई आज, अपील खारिज हुई तो 28 दिन के अंदर आ सकता है भारत
आउटलुक टीम

ब्रिटेन की एक अदालत में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले में आज (मंगलवार) सुनवाई होगी। माल्या ने ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद द्वारा उनके प्रत्यर्पण के आदेश पर हस्ताक्षर करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की अनुमति मांगी है। यदि सुनवाई में विजय माल्या की अपील खारिज हो जाती है तो अगले 28 दिन में उसका भारत प्रत्यर्पण हो सकता है।

इससे पहले 5 अप्रैल को किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख 63 वर्षीय माल्या के भारत प्रत्यर्पित होने के विरूद्ध दायर याचिका को खारिज कर दी गई थी। माल्या ने कोर्ट में अपील की थी कि उसे भारत प्रत्यर्पित न किया जाए। अब इसी हफ्ते उनके नए आवेदन पर मौखिक सुनवाई होगी। लंदन में रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस के प्रशासनिक अदालत खंड की दो जजों की पीठ अप्रैल में दायर इस अपील पर सुनवाई करेगी।

ब्रिटेन के कोर्ट में भारत सरकार की ओर से पक्ष रखने वाले क्राउस प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के एक प्रवक्ता ने कहा कि विजय माल्या को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं, इस पर मौखिक सुनवाई मंगलवार को होगी।

9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है मामला

गौरतलब है कि माल्या को कथित रूप से 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले का सामना करने के लिए भारत को सौंपा जाना है। बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख 63 वर्षीय माल्या पहले ही दस्तावेज के जरिये अपील करने की छूट के मामले में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में हार चुके हैं। लंदन में रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस के प्रशासनिक अदालत खंड की दो जजों की पीठ अप्रैल में दायर इस अपील पर सुनवाई करेगी।

माल्या के पास और क्या हैं विकल्प

कानूनी जानकारों के मुताबिक ब्रिटिश हाई कोर्ट में प्रत्यर्पण आदेश पर रोक लगाने की अर्जी खारिज होने के बाद माल्या के पास सुप्रीम कोर्ट के पास जाने का विकल्प भी बाकी रहेगा। इतना ही नहीं माल्या के पास फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स के पास भी जाने का विकल्प बाकी है। जहां वह भारत में हिरासत के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन का हवाला देकर अपना प्रत्यर्पण स्थगित करने की अपील कर सकता है।

एजेंसी इनपुट

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