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नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन, लगाया खाद्य पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध

आउटलुक टीम - AUG 03 , 2022
नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन, लगाया खाद्य पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध
नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन, लगाया खाद्य पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध
आउटलुक टीम

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा से चीन बौखला गया है। इसी बौखलाहट में चीन ने ताइवान पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। 82 वर्षीय शीर्ष डेमोक्रेटिक पार्टी नेता नैन्सी पेलोसी के ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन से मिलने के बाद चीन ने ताइवान से खाद्य पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

 

ताइवान मामलों के कार्यालय, जो कि चीन द्वारा स्थापित इकाई है, के प्रवक्ता मा जिआओगुआंग ने कहा है कि चीन अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं करेगा।आज़ादी, लोकतंत्र, सुरक्षा के नाम पर कोई भी बाहरी देश आकर चीन में पनप रही अलगाववादी सोच का समर्थन नहीं कर सकता। अगर ऐसा होता है तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। 

मा जिआओगुआंग ने कहा " चीन इस यात्रा से खुश नहीं है। यह अनुचित कदम है और इसलिए चीन ने अपना विरोध दर्ज करते हुए फल, पेस्ट्री, पके हुए माल, मत्स्य उत्पादों और मिठाई का उत्पादन करने वाली कई ताइवानी कंपनियों पर आर्थिक प्रतिबंधों और आयात प्रतिबंधों की भी घोषणा की है। मा जिआओगुआंग ने कहा कि चीन के द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाली गई कंपनियों में चाय की पत्ती, सूखे मेवे, शहद, कोकोआ बीन्स और सब्जियों के उत्पादकों के साथ-साथ मछली पकड़ने वाले लगभग 700 जहाज भी शामिल हैं। इसके साथ ही चीन ने अब अपनी भूमि से प्राकृतिक रेत के निर्यात को भी रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि ताइवान चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पिछले वर्ष की तुलना में चीन ने ताइवान से 26% अधिक द्विपक्षीय व्यापार किया है। 

चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार " पेलोसी की यह यात्रा चीन-अमेरिका संबंधों की राजनीतिक नींव पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालने का काम कर रही है। चीन के मुताबिक यह उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर एक हमला है, जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन ने अपने 21 सैन्य विमानों को ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में उड़ाकर अपनी ताकत दिखाई है। चीनी सेना ने कहा है कि वह ताइवान सीमा पर चार दिन का युद्धाभ्यास करेगी।

 

इस विरोध के बीच अमेरिकी स्पीकर पेलोसी ने कहा है कि दुनिया में लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच संघर्ष है। जब चीन सत्ता और समर्थन हासिल करने के लिए अपनी ताक़त का उपयोग करता है, तो हमें भी ताइवान की तकनीकी प्रगति और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए स्वर उठाने होंगे। चीन की धमकियों के बावजूद पेलोसी और ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन से मुलाकात सकारात्मक रही है। ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग -, बेन ने कहा है कि स्ट्रेट में शांति और स्थिरता बनाए रखना ताइवान की ज़िम्मेदारी है। के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए ताइवान स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को सुनिश्चित करना चाहता है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की यात्रा के दूरगामी परिणाम क्या रहते हैं, यह देखने की बात होगी लेकिन अभी अमरीका और ताइवान के रवैये ने चीनी की निरंकुशता पर प्रहार करने का काम तो कर ही दिया है।

 

 

 

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