Home दुनिया अंतरराष्ट्रीय जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले बदला चीन का रुख, कहा- कश्मीर मुद्दा भारत-पाक मिलकर सुलझाएं

जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले बदला चीन का रुख, कहा- कश्मीर मुद्दा भारत-पाक मिलकर सुलझाएं

आउटलुक टीम - OCT 09 , 2019
जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले बदला चीन का रुख, कहा- कश्मीर मुद्दा भारत-पाक मिलकर सुलझाएं
भारत यात्रा से पहले बदला चीन का रुख, कहा- कश्मीर मुद्दा भारत-पाक मिलकर सुलझाएं
File Photo
आउटलुक टीम

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले चीन ने कश्मीर मुद्दे को लेकर अपना रुख बदल दिया है। चीन ने पाकिस्तान और भारत से कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की बात कही है। कश्मीर को द्विपक्षीय मसला बताते हुए चीन ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को बातचीत के जरिए इसका समाधान निकालना चाहिए। दो हफ्ते पहले इसी चीन ने कश्मीर मसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर और प्रस्तावों का राग अलापा था।

दरअसल, चीन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान राष्ट्रपति चिनफिंग से मिलने मंगलवार को बीजिंग पहुंचे और उससे एक दिन पहले से पाक सेना प्रमुख कमर बाजवा बीजिंग में मौजूद हैं। इस दौरान चीन ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे को नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हल किया जाना चाहिए।

11 अक्टूबर को भारत यात्रा पर शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11 अक्टूबर को भारत आएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि ये शिखर वार्ता दोनों नेताओं को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के व्यापक मुद्दों पर बातचीत जारी रखने का अवसर प्रदान करेगी। मंत्रालय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के आमंत्रण पर ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' के प्रमुख शी चिनफिंग अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए 11-12 अक्टूबर 2019 को चेन्नई में होंगे।'

शिखर वार्ता चेन्नई के समीप प्राचीन तटीय शहर मामल्लापुरम में होगी। मंत्रालय ने कहा कि शिखर वार्ता के दौरान दोनों देश भारत-चीन विकास साझेदारी को गहरा करने पर विचार विमर्श करेंगे।

कश्मीर समस्या को भारत और पाक सुलझाएं- चीन

इमरान खान और जिनपिंग की मुलाकात में कश्मीर मसला उठाए जाने से संबंधित सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर पर चीन का रुख यह है कि भारत और पाकिस्तान को आपस में बातचीत के जरिए इस मसले को सुलझाना चाहिए।

कश्मीर पर चीन का यू टर्न

कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद चीन ने अपना रुख बदलते हुए कहा था कि कश्मीर मसले का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर निकाला जाना चाहिए। यूएनएससी में बंद कमरे में हुई बैठक और फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी चीन इसी रुख पर कायम रहा था। भारत ने उसके बयान का कड़ा विरोध किया था।

पाक के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने की कश्मीर मुद्दे पर चर्चा

बता दें कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और चीनी सैन्य नेतृत्व ने मंगलवार को यहां कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की। जनरल बाजवा ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) मुख्यालय में इसके कमांडर आर्मी जनरल हान वीगुओ और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के उपाध्यक्ष जनरल शू किइलियांग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण और पाकिस्तान-चीन रक्षा सहयोग पर चर्चा की। आईएसपीआर के बयान में बताया गया है कि सीओएएस ने कश्मीर के हालात पर चीनी सैन्य नेतृत्व को अवगत कराया है।

इस दौरान इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान और भारत को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का सम्मान करने के साथ ही कश्मीरियों के मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने से संबंधित चर्चा हुई। दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व ने इस बात पर सहमति जताई कि पाकिस्तान-भारत के तनाव जारी रहने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से