Home दुनिया सामान्य अबू धाबी में हिंदी को अदालत की तीसरी आधिकारिक भाषा का मिला दर्जा

अबू धाबी में हिंदी को अदालत की तीसरी आधिकारिक भाषा का मिला दर्जा

आउटलुक टीम - FEB 10 , 2019
अबू धाबी में हिंदी को अदालत की तीसरी आधिकारिक भाषा का मिला दर्जा
अबू धाबी में हिंदी को अदालत की तीसरी आधिकारिक भाषा का दर्ज मिला
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अरबी और अंग्रेजी के बाद हिंदी को अपनी अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कर लिया है। न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है। अबू धाबी में हिंदी भाषियों की तादाद काफी बड़ी है।

अबू धाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने शनिवार को कहा कि उसने श्रम मामलों में अरबी और अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा को शामिल करके अदालतों के समक्ष दावों के बयान के लिए भाषा के माध्यम का विस्तार कर दिया है। इसका मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है।

भारतीय प्रवासियों की बड़ी तादाद

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी का करीब दो तिहाई हिस्सा विदेशों के प्रवासी लोग हैं। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय लोगों की संख्या 26 लाख है जो देश की कुल आबादी का 30 फीसदी है और यह देश का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। एडीजेडी के अवर सचिव युसूफ सईद अल अब्री ने कहा कि दावा शीट, शिकायतों और अनुरोधों के लिए बहुभाषा लागू करने का मकसद प्लान 2021 की तर्ज पर न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमे की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

रिजस्ट्रेशन की सुविधा 

हिंदी भाषियों को अबू धाबी न्यायिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। अबू धाबी न्यायिक विभाग के अंडर सेक्रेटरी यूसुफ सईद अल आबरी ने कहा कि कई भाषाओं में याचिकाओं, आरोपों और अपीलों को स्वीकार करने के पीछे हमारा मकसद 2021 की भविष्य की योजना को देखते हुए सभी के लिए न्याय व्यवस्था को प्रसारित करना है। हम न्यायिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहते हैं।

आबरी ने बताया कि शेख मंसूर बिन जायद अल नाह्यान, उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के मामलों के मंत्री और अबुधाबी न्यायिक विभाग के अध्यक्ष के निर्देशों पर न्यायिक व्यवस्था में कई भाषाओं को शामिल किया गया।

द्विभाषी कानूनी व्यवस्था का पहला चरण नवंबर 2018 में लॉन्च किया गया था, इसके तहत सिविल और वाणिज्यिक मामलों में अगर वादी विदेशी हो तो अभियोगी केस के दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद करना होता है।

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