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ट्विटर बनाम एलन मस्क विवाद: एलन मस्क ने कोर्ट में बताया "ट्विटर डील" कैंसल करने का कारण, कहा- "ट्विटर ने मुझसे जानकारियां छिपाईं"

आउटलुक टीम - AUG 05 , 2022
ट्विटर बनाम एलन मस्क विवाद: एलन मस्क ने कोर्ट में बताया
ट्विटर बनाम एलन मस्क विवाद
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आउटलुक टीम

दुनिया के सबसे अमीर इंसान टेस्ला कम्पनी के सीईओ एलन मस्क ने जुलाई 2022 में, सोशल मीडिया नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ट्विटर को खरीदने के लिए की गई, अपनी 44 बिलियन डॉलर की डील कैंसल कर दी थी। जिसके बाद इस डील को बनाए रखने के लिए ट्विटर ने टेस्ला सीईओ एलन मस्क पर मुकदमा दर्ज कर दिया था।

गुरुवार को डेलावेयर कोर्ट में एलन मस्क ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ट्विटर ने उनसे अकाउंट्स की सही जानकारी छिपाई। उन्हें नहीं बताया गया कि वास्तविक तौर पर ट्विटर पर कितने फेक अकाउंट हैं। उन्हें ट्विटर की तरफ से आंकड़ा दिया गया कि ट्विटर पर फेक अकाउंट की संख्या 5 प्रतिशत से कम है। जब उन्होंने इस आंकड़े का सत्यापन कराना चाहा तो ट्विटर ने किसी तरह का सहयोग नहीं किया। यह डील के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा। इसलिए हमने ट्विटर डील को रोक दिया। 

एलन मस्क ने अपना पक्ष कुछ दिनों पहले कोर्ट के आगे रख दिया था। लेकिन ट्विटर के वकीलों ने यह तर्क देते हुए एलन मस्क के पक्ष को सार्वजनिक नहीं होने दिया कि चूंकि एलन मस्क ट्विटर की अंदरूनी बातें जानते हैं और उन्होंने बीच में ट्विटर डील को रोक दिया है, इसलिए एलन मस्क के पक्ष को सार्वजनिक करने से पहले एक बार ट्विटर को भी इसके बारे में अवगत कराया जाए। कोर्ट ने ट्विटर की बात मानी और इस तरह गुरूवार को एलन मस्क का पक्ष सार्वजनिक किया गया। 

इस मामले में ट्विटर का कहना था मस्क ट्विटर को खरीदने के अपने प्रयास में अकेले नहीं जा रहे थे। लैरी एलिसन, वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रेसेन होरोविट्ज, फिडेलिटी, क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस और कतर की राज्य निवेश फर्म जैसे कुछ निवेशक भी ट्विटर डील में शामिल थे। इसलिए एलन मस्क द्वारा यूं बीच में डील को रोक देना, ट्विटर की छवि को नुक्सान पहुंचाने वाला है। अपनी बात को आगे कहते हुए ट्विटर ने कोर्ट के सामने कहा कि " मस्क, अरबपति हैं और कई कंपनियां खड़ी कर चुके हैं, इन्हें वॉल स्ट्रीट के बैंकर्स और वकील सलाह देते हैं, उनका कहना कि ट्विटर ने उनसे छल करके 44 बिलियन डॉलर की डील पर हस्ताक्षर करा लिया, एक झूठी और अकल्पनीय बात है।" 

एलन मस्क ने ट्विटर को आड़े लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने उनसे भारत सरकार के खिलाफ चल रहे मुकदमे का खुलासा नहीं किया था। एलन मस्क ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चल रहे मामले का हवाला देते हुए कहा कि भारत के आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने, सूचना की पहचान करने और इसका अनुपालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति देने के लिए कुछ नियम लागू किए थे। इसी कड़ी में ट्विटर को निर्देश देते हुए भारत सरकार ने ट्वीटर से आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले नेताओं, खिलाड़ियों, नागरिकों के ट्वीट डिलीट करने के लिए कहा था। लेकिन ट्विटर ने इस निर्देश को मानने से इंकार कर दिया था।एलन मस्क ने कहा कि भारत सरकार के खिलाफ जाकर ट्विटर ने तीसरे सबसे बड़े मार्केट को खतरे में डाल दिया। ऐसे में वह ट्विटर डील कर के अपना नुक्सान नहीं कराना चाहते थे और इसलिए उन्होंने डील रोक दी। 

हालांकि जिस कर्नाटक हाई कोर्ट के मामले का ज़िक्र एलन मस्क ने किया, उसमें भारत सरकार के विरोध में कोर्ट के सामने अपने पक्ष को रखते हुए ट्विटर का कहना था कि वह एक स्वतंत्र मंच है, जो फ्री स्पीच की वकालत करता है। ऐसे में ट्वीट डिलीट करना ट्विटर के मूलभूत सिद्धांत के ख़िलाफ़ हो होगा ही, इससे ट्विटर को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा क्योंकि ट्वीट डिलीट करने की सूरत में, लोग ट्विटर छोड़ देंगे और इससे ट्विटर की नकारात्मक छवि बन जाएगी। इसलिए हम ट्विटर पर भारत सरकार का निर्देश नहीं मान सकते। 

ट्विटर और एलन मस्क विवाद आज काफी बड़ा हो गया है। सभी की निगाहें इसी पर टिकी हुई हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा है कि आगे इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। 

 

 

 

 

 

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