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अबू धाबी में बोले मोदी, खाड़ी देशों ने 30 लाख भारतीयों को घर जैसा माहौल दिया

FEB 11 , 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने द्विपक्षीय दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में भारतीय समुदाय को संबोधिति किया। पीएम मोदी इसके बाद यहां से ओमान जाएंगे और वहां भी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के वॉर मेमोरियल में वहात-अल-करमा पहुंचकर वहां पर यूएई के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी और फिर अबू धाबी में ही उनकी मौजूदगी में हिंदू मंदिर का शिलान्यास किया गया।

मंदिर का शिलान्यास करने के बाद मोदी ने ओपेरा हाउस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कहा कि हम उस परंपरा में पले बड़े हैं जहां मंदिर मानवता का माध्यम है। ये मंदिर आधुनिक तो होगा ही लेकिन विश्व को 'वसुदेव कुटुम्बकम ' अनुभव करने का माध्यम बनेगा और मंदिर मानवता का माध्‍यम है।

मोदी ने कहा कि विश्व स्तर के सम्मेलन में भारत का सम्मान सौभाग्य की बात है। यूएई में छोटा भारत बसता है।  भारत ने निराशा और आशंका का दौर अब खत्म हुआ। चार साल के अंदर देश की सोच पूरी तरह से बदल गई है। अब लोग वहां पर ये नहीं पूछते हैं कि ये काम कैसे होगा?

भारत के कारोबारी रैकिंग में जबरदस्त सुधार

मोदी ने कहा कि कारोबार के माहौल की रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम यहीं नहीं रुकेंगे स्थिति को और सुधारना है। श्रेयस्कर कामों पर कदम उठाएंगे तो वह आनेवाले समय में अपने आप प्रिय लगेंगे। मोदी ने कहा कि हर किसी को साथ लेकर ऊंचाइयों को हासिल करना है। सत्तर साल पुरानी व्यवस्था को बदलने में वक्त तो लगता ही है।

पढ़िए, भाषण की कुछ अहम बातें-

- भारत इस बात के लिए गर्व करता है कि खाड़ी के देशों में 30 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के लोग यहां की विकास यात्रा में भागीदार हुए हैं।

- यूएई हमारा बड़ा पार्टनर और हमारा नाता सिर्फ कारोबारी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि चार साल में देश का आत्‍मविश्‍वास बढ़ा है और हम और भी ऊपर जाना चाहते हैं।

- सात साल से जीएसटी होगा या नहीं इस पर चर्चा होती थी लेकिन अब हो गया। उन्‍होंने कहा कि बदलाव से कठिनाई होती हैं।

- जीएसटी पर लोगों की स्‍वीकृति बढ़ रही है और देश बदल रहा है। नोटबंदी लागू करते ही गरीब आदमी को समझ में आ गया लेकिन जिसकी नींद उड़ी उसे होश नहीं आया। उन्‍होंने कहा कि नोटबंदी सही दिशा में मजबूत कदम है।

- दुनिया कह रही है कि 21वीं सदी एशिया का सदी होगी लेकिन केवल बैठे रहने से यह सदी हमारी नहीं होगी। चार साल में देश का आत्मविश्वास बढ़ा है।

अबू धाबी के पहले मंदिर का शिलान्यास

पीएम मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ व्यापक चर्चा की। इस दौरान भारत और यूएई के बीच पांच समझौतों पर मुहर लगी। यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने कहा, अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर 55 हजार वर्गमीटर भूमि पर बनेगा। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं। यह साल 2020 में पूरा होगा। बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना यह प्रथम हिंदू मंदिर होगा।

भारत-यूएई के बीच पांच समझौतों पर मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबूधाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर अनेक विषयों पर बातचीत की और इस दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसमें इंडियन ऑयल के नेतृत्व वाले कंपनी समूह को अपतटीय तेल सुविधा में 10% हिस्सेदारी देने का समझौता भी शामिल है।

प्रधानमंत्री तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में जॉर्डन से यहां पहुंचे। हवाई अड्डे पर अबूधाबी के शहजादे और शाही परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी अगवानी की। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया।

मोदी ने हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए शहजादे का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी यात्रा का भारत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) संबंध पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं यूएई सैन्य बल के उप शीर्ष कमांडर मोहम्मद बिन जायद ने ट्वीट किया, ''हम अपने देश के अतिथि और मूल्यवान मित्र भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूएई में गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।

यूएई की दूसरी यात्रा  

मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यूएई की उनकी यह दूसरी यात्रा है। मोदी अगस्त 2015 में पहली बार यूएई की यात्रा पर गए थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि प्रतिनिधि स्तर की वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी और अबूधाबी के शहजादे के बीच निजी बातचीत भी हुई।

उन्होंने कहा, ''दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए बातचीत हुई। बातचीत के बाद दोनो पक्षों ने ऊर्जा के क्षेत्र, रेलवे, श्रमशक्ति और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पांच समझौते किए।

यहां भारतीय दूतावास से जारी एक बयान में कहा गया कि इंडियन कंसोर्टियम (ओवीएल, बीपीआरएल और आईओसीएल) तथा अबूधाबी नेशलन ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत भारतीय कंपनियों के समूह को अबूधाबी के अपतटीय लोअर जाकुम सुविधा तेल क्षेत्र में 10% हिस्सेदारी मिलेगी। यह सुविधा उसे 40 साल यानी 2018 से 2057 तक के लिए मिलेगी। इसमें कहा गया कि यह यूएई के अपस्ट्रीम ऑयल सेक्टर में पहला भारतीय निवेश है। इसके अलावा श्रमशक्ति, रेलवे तथा आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समझौते किए गए। 


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