Home दुनिया अफ्रीका 2 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में हटा नाइट कर्फ्यू, तबाही मचाए बिना घटने लगे केस, भारत के लिए अच्छे संकेत

2 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में हटा नाइट कर्फ्यू, तबाही मचाए बिना घटने लगे केस, भारत के लिए अच्छे संकेत

आउटलुक टीम - JAN 01 , 2022
2 साल बाद दक्षिण अफ्रीका में हटा नाइट कर्फ्यू, तबाही मचाए बिना घटने लगे केस, भारत के लिए अच्छे संकेत
प्रतीकात्मक तस्वीर
आउटलुक टीम

ओमिक्रोन की वजह से जूझ रही दुनिया के लिए साल के पहले दिन अच्छी खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए दो साल पहले लगाया गया नाइट कर्फ्यू हटा दिया है। इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा कि देश ने कोविड-19 संक्रमण की अपनी चौथी लहर के चरम को पार कर लिया है। इस ऐलान के बाद तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के नये वेरिएंट ओमिक्रोन का सामना कर रहे भारत जैसे देशों के लिए इससे उम्मीद जग गई है।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने राष्ट्रीय कोरोना वायरस कमांड काउंसिल (एनसीसीसी) और राष्ट्रपति समन्वय परिषद (पीसीसी) की गुरुवार को संपन्न बैठकों के बाद इस आश्य की घोषणा की है। प्रेसीडेंसी ने एक बयान में कहा, "कर्फ्यू हटा लिया जाएगा। इसलिए लोगों की आवाजाही के घंटों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।"

बयान में कहा गया है, "सभी संकेत बताते हैं कि देश ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथी लहर के शिखर को पार कर लिया है," पिछले एक हफ्ते में देश के नौ प्रांतों में से दो में मामलों में गिरावट आई है।

पिछले शनिवार को समाप्त हुए सप्ताह में संक्रमण के 89,781 मामलों की पुष्टि हुई थी जो इससे पहले के हफ्ते के 1,27,753 के आंकड़े से कम है।

दक्षिण अफ्रीका ने लगभग 3.5 मिलियन कोविड -19 मामले दर्ज किए हैं और अफ्रीका में किसी भी अन्य देश की तुलना में महामारी के दौरान 90,000 से अधिक मौतें हुई हैं।

कर्फ्यू में ढील देने वाले अन्य कारकों में देश में टीकाकरण के स्तर शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती होने की कम दर, जिसके परिणामस्वरूप पिछली लहरों की तरह अधिक नहीं हुई और सभी प्रांतों में मौतों की संख्या में मामूली वृद्धि दर्ज की गई थी।

हालांकि ओमिक्रोन वेरिएंट के कारण संक्रमण के मामलों में वृद्धि होने का खतरा अब भी बरकरार है। सरकार ने कार्यक्रमों के आयोजकों को सभी स्वास्थ्य नियमों का पालन हमेशा करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि इसमें शामिल होने वाले लोगों के बीच वैक्सीनेशन को बढ़ावा दिया जाए।

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