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सऊदी पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए अमेरिका में प्रशिक्षण का खुलासा

शांतनु मुखर्जी - APR 02 , 2019
सऊदी पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए अमेरिका में प्रशिक्षण का खुलासा
सऊदी पत्रकार खशोगी की हत्या के लिए अमेरिका में प्रशिक्षण का खुलासा
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शांतनु मुखर्जी

आज 2 अप्रैल को सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की सऊदी कॉन्सुलेट, इस्तांबुल से रहस्यमयी ढंग से गुमशुदगी के छह महीने हो गए थे, जहां वह शादी से जुड़े कुछ दस्तावेज हासिल करने गए थे। इसके बाद यह संदेह था कि खशोगी को खतरनाक हथियारों से मौत के घाट उतार दिया गया और उनकी बॉडी को सऊदी एजेंटों द्वारा एक अज्ञात स्थान पर गायब कर दिया गया। यह टीम अच्छी तरह से प्रशिक्षित थी, जिसे सऊदी अरब से भेजा गया था। सऊदी टीम ने सौंपे गए कार्य को 'सर्जिकल शुद्धता' के साथ अंजाम दिया। माना जाता है कि ऐसा सऊदी अरब के मजबूत क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान (MBS) के इशारे पर किया गया। एमबीएस ने देश के हितों खासकर यमन में अपने निर्मम रुख को लेकर हमेशा जमाल खशोगी को एक कंटक माना।

इस बीच वाशिंगटन पोस्ट में हाल ही में किए गए एक सनसनीखेज खुलासे में पत्रकार डेविड इग्नाटियस ने कहा कि खशोगी की हत्या के लिए जिम्मेदार टीम को अमेरिका में प्रशिक्षित किया गया था। स्तंभकार ने कम से कम एक दर्जन अमेरिकी और गुप्त सऊदी स्रोतों से अपने निष्कर्षों के लिए इनपुट इकट्ठा किए हैं।

यह बताया गया है कि सऊदी टीम को प्रशिक्षण देने वाले इस विशेष कार्यक्रम का संचालन संभवतः टियर (TIER) समूह द्वारा किया गया, जो अर्कांसस की कंपनी है। उन्हें सिखाए गए सबक अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक व्यापक खुफिया और रक्षा साझेदारी का हिस्सा थे जो राज्य विभाग के लाइसेंस के तहत आयोजित किए गए थे। हालांकि, यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि प्रशिक्षण को लेकर अमेरिकी प्रशासन द्वारा कोई औपचारिक मंजूरी दी गई थी।

इस बीच, सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि सऊदी खुफिया सेवाओं को आधुनिक बनाने और प्रशिक्षण देने में मदद करने के लिए एक और अमेरिकी परियोजना लंबित है, जिसे लाइसेंस का इंतजार है। Culpeper National Security Solutions द्वारा विकसित इस इंटेलीजेंस प्रोजेक्ट को, जिसमें पूर्व सीआईए अधिकारियों से सलाह भी शामिल है, सऊदी पक्ष द्वारा फायदे के रूप में देखा जा रहा है।

सऊदी अरब ने अमेरिका में प्रशिक्षण गतिविधियों के समन्वय के लिए 67 वर्षीय मेजर जनरल अहमद हसन असीरी को शामिल किया था। याद करें तो असीरी को हमेशा से क्राउन प्रिंस का करीबी विश्वासपात्र माना जाता रहा है। असीरी, अल-मुखबरात-अल-अमाह के पूर्व उप प्रमुख और यमन में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के पूर्व प्रवक्ता रहे हैं। 2 अक्टूबर 2018 को खशोगी की कथित हत्या के करीब 17 दिन बाद 19 अक्टूबर को असीरी को बर्खास्त कर दिया गया था। क्योंकि इंटेलीजेंस में उनके बढ़ते प्रभाव की वजह दबाव बढ़ गया था। एमबीएस के लिए अपनी अविभाजित निष्ठा की वजह से माना जाता है कि असीरी ने अमेरिका में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संभाला है।

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, टियर समूह और इसके सहयोगी न्यूयॉर्क स्थित एक निजी स्वामित्व वाले निवेश समूह सेर्बरस कैपिटल मैनेजमेंट से जुड़े हैं।

जैसा कि जमाल खशोगी की हत्या के छह महीने पूरे हो रहे हैं, उनकी हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई के लिए सऊदी किंगडम पर दबाव जारी है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यकर्ता, एग्नेस कैलमार्ड ने हाल ही में खुलासा किया कि खशोगी की हत्या में ग्यारह संदिग्धों का ट्रायल अंतर्राष्ट्रीय मानकों में खरा नहीं उतरता। कैलमार्ड, जो हत्या की एक अंतर्राष्ट्रीय जांच का नेतृत्व कर रहे हैं, ने सऊदी सरकार से  उन 10 सऊदी पुरुषों के नाम जारी करने का आह्वान किया जो वर्तमान में खशोगी की हत्या के संदेह में गिरफ्तार किए गए हैं।

एमबीएस और उनकी निर्दयी कार्यप्रणाली के निरंकुश तरीके को देखते हुए, इस बात में शक है कि वह या उनकी सरकार खशोगी के हत्यारों को सामने लाने में मानवाधिकार समूहों या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का सहयोग करेगी। इन सबसे ऊपर, हाल ही में अमेरिका में एक सऊदी टीम के प्रशिक्षण का खुलासा एक चिंताजनक बात है। बड़े पैमाने पर विश्व को यह भी पता नहीं है कि अमेरिका में और कितने प्रशिक्षण शिविर चलाए जाते हैं। यही आशा है कि उनका उद्धेश्य विनाश करना नहीं है।

9/11 से पहले कुछ आतंकवादियों ने उड्डयन के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया था और जो विनाशकारी परिणाम आए थे, वे अच्छी तरह से मालूम हैं। अमेरिका को इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दुनिया अब एक सुरक्षित जगह है या फिर हम खशोगी की तरह किसी हत्या तक इंतजार करेंगे ताकि किसी भी गुप्त प्रशिक्षण योजनाओं के बारे में जान सकें? इसके अलावा, जब तक कि मौजूदा यूएस-सऊदी रणनीतिक साझेदारी की अस्पष्टताएं दूर नहीं हो जातीं, तब तक दुनिया उनके संबंधों को संदेह के साथ देखना जारी रखेगी और संबंध नाजुक तरीके से अधर में लटके रहेंगे।

 

(लेखक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी, मॉरीशस में पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सुलाहकार और सुरक्षा विश्लेषक हैं। लेख में व्यक्त विचार निजी हैं।)

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