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रिश्ते बचाने की दरकार

“लिपू लेख दर्रे पर नेपाल के हाल के रुख पर चीन की स्पष्ट छाप, भारत को पड़ोसी देश के साथ ऐतिहासिक रिश्ते...

हाल की छोड़, ले आए दूर की कौड़ी

“संकट के समय सार्वजनिक क्षेत्र लड़ाई में सबसे आगे, जबकि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही” कोविड-19...

जनादेश का गलत अर्थ निकाला

“मोदी सरकार ने पहले साल में वैचारिक एजेंडा पर ही फुर्ती दिखाई, वास्तविक चुनौतियों को नजरंदाज...

अटकाना-लटकाना नहीं समाधान है सरकार की नीति

“आज जब हम चुनौतियों से आंखें मिला रहे हैं तब मोदी सरकार के पिछले एक साल को अलग नजरिए से देखने की जरूरत...

बैंकों में बढ़ती आत्महत्याएं

आजकल बैंकों में काम के दबाव के कारण कर्मचारियों द्वारा आत्महत्याओं की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।...

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास

कोविड-19 नामक महामारी ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक जबदस्त झटका दिया है। इसमें अमेरिका जैसे बड़े...

प्रवासी मजदूरों का संकट

तालाबंदी में मजदूरों की सुध लेने वाला कोई नहीं, सरकारें मदद की बजाय श्रम कानून खत्म करने में...

मोदी सरकार से बेहतर बदलाव की उम्मीद कम

कश्मीर में जब भी अनुच्छेद 370 को कमजोर करने की कोशिश की गई, राज्य में अशांति बढ़ी मोदी सरकार ने अपने दूसरे...

कोविड-19 का खतरा और मनोवैज्ञानिक भय

कोविड-19 के खतरे का मोटे तौर पर गलत अनुमान लगाया गया है। इसके कारण मनोवैज्ञानिक भय पैदा हुआ है जिससे...

राहत पहुंचाने का समय

“लॉकडाउन से देश का मजदूर लाचार है, तुरंत ठोस योजना को अमल में लाने की जरूरत” प्रवासी कामगार भारतीय...

ऑनलाइन शिक्षा स्वप्न

“मौजूदा शिक्षण प्रणाली सिर्फ क्लास रूम में पढ़ाई के अनुकूल” भारत में ई-लर्निंग कारगर साबित नहीं हो...

श्रमिकों को गांव भेजने से कम होगा कोरोना संक्रमण का खतरा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2020 से हॉटस्पॉट क्षेत्रों को छोड़कर बाकी इलाकों में कुछ आर्थिक...

कानूनी सुरक्षा भी हटी

श्रम कानूनों में बदलाव संवैधानिक ढांचे पर आघात है, यह भारत को सौ साल पीछे ले जाएगा कोविड महामारी ने...

लॉकडाउन की बलि

वायरस तो डरावना पर उसकी रोकथाम के अनियोजित उपायों ने लील लीं कई जिंदगियां लॉकडाउन की भयावह त्रासदी...