शराबबंदी के आर्थिक नुकसान की चिंता का तर्क अनुचित शराब के आगोश में पूरी दुनिया है। ठंडे मुल्कों जैसे यूरोप, अमेरिका आदि में यह जिन्दगी का हिस्सा है। वहीं... AUG 26 , 2023
प्रथम दृष्टि: नए मीडिया का सच “नए, बेसब्र मीडिया की लोकप्रियता की वजह यह है कि यह कमाई का नायाब जरिया भी बन गया है। भरपूर पैसे और... AUG 20 , 2023
नजरिया: राष्ट्रीय कानून की जरूरत “आदिवासी औरतों को डायन कह कर प्रताड़ित करने और निर्वस्त्र घुमाने की घटनाएं रिपोर्ट नहीं हो... AUG 08 , 2023
हिमालयी जन की पीड़ा “कुदरती आपदा का हल्ला कर देश के बुनियादी ढांचे को निजी हाथों में बेचने का मास्टरप्लान विनाश की... JUL 23 , 2023
समान नागरिक संहिता: एकीकरण का तर्क ठीक नहीं “पर्सनल लॉ में कोई भी बदलाव भारतीय समाज में और धार्मिक टकराव ही पैदा करेगा, उसे जोड़ेगा नहीं” “सभी... JUL 23 , 2023
स्मृति: होने का हल्कापन “हमारा समय झूठ के विस्तार और आधिपत्य का है। मिलान कुन्देरा ने हमें चेताया है कि झूठ के साम्राज्य से,... JUL 23 , 2023
दिल्लीवालों को पानी से बाहर आना होगा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली पर शासन करने के लिए चुने गए राजनीतिक दलों की तरह मानसून आता... JUL 09 , 2023
नजरिया: सामाजिक संरचना की समझ जरूरी “पौराणिक कहानियों से लेकर इतिहास तक विवाहेतर संबंधों और बहुविवाह की खूब कहानियां प्रचलित... JUL 03 , 2023
फिर कभी न आये आपातस्थिति का काला अध्याय 25 जून, 1975 को प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई आपातस्थिति को आज 48 वर्ष हो गये हैं परन्तु... JUN 25 , 2023
प्रथम दृष्टि: सबक के सवाल आधुनिक विकास का पुल-पुलिया को प्रतीक समझा जाता है। यह नदियों के दो किनारों को जोड़ सकता है, खाइयों को पाट... JUN 11 , 2023