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चुनाव नतीजे क्या पिछड़ा, दलित राजनीति के खात्मे के संकेत

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे तो यही फौरी संकेत देते हैं कि न सिर्फ पिछड़ा, दलित राजनीति का...

रूस-यूक्रेन युद्ध: गूंगी दुनिया की त्रासदी

“रूसी हमला अचानक नहीं हुआ है। घोषणा काफी पहले कर दी गई थी। तलाश उपयुक्त मौके की थी।” एक नया तिब्बत...

प्रथम दृष्टि: दांव पर सियासत

"इसमें शक नहीं है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम आगामी लोकसभा चुनाव को काफी हद तक प्रभावित करेंगे" इस...

क्या ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के आर्थिक प्रतिबंध और निंदा प्रस्ताव से डरेगा रूस?

एक तरफ यूक्रेन पर रूस के हमले के चार दिन हो चुके हैं, अब तक रूस औऱ यूक्रेन दोनों तरफ के सैकड़ों सैनिकों...

प्रथम दृष्टि: जाति न पूछो वोटर की

“क्या सर्वांगीण विकास, महंगाई, बेरोजगारी, पलायन व कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे की इन चुनावों में कोई...

जनादेश 2022/नजरिया: बदलाव की बयार

“लोगों ने सांप्रदायिक वैमनस्य के ऊपर भाईचारे और विकास की हवाई बातों के ऊपर ठोस मुद्दों को तरजीह...

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास ‘तारापुर शहीद दिवस’ की चर्चा के बिना अधूरा

अंग्रेजों के खिलाफ जंग-ए-आजादी की घटनाओं की फेहरिस्त में निश्चित तौर पर तारापुर की घटना शीर्ष पर शुमार...

विमर्श: राष्ट्रीय छवियां बदलने की कोशिश

“मौजूदा सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान का इतिहास को नए स्वरूप में पेश करने का जतन” नई दिल्ली के प्रसिद्ध...

अगर कभी ‘मंगेशकर मोनोपोली’ थी तो वह हिंदी सिनेमा के लिए वरदान ही है

सिर्फ यह कहना कि वे भारतीय सिनेमा की पार्श्व गायिकी में सबसे विराट व्यक्तित्व थीं, उन्हें कमतर आंकना...

शताब्दी वर्ष: जगदेव बाबू के होने का अर्थ

फ्रांस की सुप्रसिद्ध क्रान्ति (1789) का मूल सिद्धांत था आजादी,समानता और भाईचारा जो पूरे विश्व में...

जनादेश 2022: असली मुद्दे गायब करने का जतन, पढ़ें पुण्य प्रसून वाजपेयी का नजरिया

“इस वर्ष चुनाव की बिसात पर लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था के कई मसले, मगर सत्ता ही नहीं, विपक्ष की भी...

प्रथम दृष्टि: चुनाव और सोशल मीडिया

“आज सोशल मीडिया दो खेमों में बंटा दिखता है, जहां हर चीज या तो श्वेत है या श्याम” शुक्र है, हुक्मरानों...

प्रथम दृष्टि: स्वदेशी का जलवा

“टेनिस लीजेंड जिमी कॉनर्स ने हाल में अमेरिकी सरकार से भारत में निर्मित कोवैक्सीन टीके के इस्तेमाल...

बिहार: गरीबी पर गंदी राजनीति; पढ़ें प्रो. मनोज कुमार झा का नजरिया

“डबल इंजन सरकार में शिक्षा और काम की तलाश में दूसरे राज्य जाने वालों की रफ्तार और बढ़ी” देश सिर्फ नई...


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