Home नज़रिया
नज़रिया

महात्मा और राष्ट्र | इरफान हबीब

"अपने आखिरी दिनों में राष्ट्रवाद में वह नया आयाम जोड़ा, जिसकी आज दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत" राष्ट्र...

गांधी के साथ चलने के खतरे

  गांधी का ‘राष्ट्रवाद’ व्यक्ति की गरिमा और स्वाभिमान से जुड़ता है, उसे भीड़ से नहीं जोड़ता। आज...

इस कानून से नहीं रूकेंगे हादसे

अमेरिका में सड़क यातायात दुर्घटना पर गठित एक समिति ने 1930 में अमेरिकी सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी।...

खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त विटामिन मिलाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़

हर कोई स्वस्थ जीवन और अच्छे भोजन की चाहत रखता है। प्रकृति बहुत ही दयालु है कि वह हमें अच्छे स्वास्थ्य...

एशिया के पहले किसान के जन्मस्थान की जलहत्या

एशियाखंड के पहले किसान का जन्म चिखल्दा में हुआ था, यह शोध रहा है, पुरातत्व शास्त्रों का! इसी शोध के आगे...

सरकार सिस्टम दुरुस्त करे

“ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बिक्री में गिरावट को देखते हुए जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े कोई आश्चर्यजनक नहीं” 30...

अभी लंबा सफर बाकी

“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक साल बाद भी एलजीबीटी समुदाय की स्वीकार्यता नहीं” कल्पना कीजिए, आप...

समता ही अभारतीय तो स्वतंत्रता भी संदिग्ध

हमारे गांव में मेरे बचपन में और अब भी एक सामान्य प्रचलन है। एक काम कोई एक समुदाय ही करता है और हर समुदाय...

बैंकों के विलय का फैसला, गलत वक्त पर उठा कदम

बैंकों के मजदूर संघ केंद्र सरकार द्वारा 10 बैंकों को विलय करके 4 बैंक बनाने के निर्णय का विरोध कर रहे...

समता ही अभारतीय तो स्वतंत्रता भी संदिग्ध

“अमीर अगड़ी जाति के लोग हैं, इसलिए गैर-बराबरी बनाए रखना उनकी फितरत” हमारे गांव में मेरे बचपन में और...

स्वतंत्रता और भारतीय लोकतंत्र का आज

“स्वतंत्रताओं का विस्तार ही लोकतंत्र है, पर आजादी के सिमटने से कई सवाल सामने” समकालीन भारत में अगर...

किस दुनिया के सपने देखे, कहां पहुंचे!

“आज 'सुशिक्षित' जन लोकतंत्र से ऊब-से गए हैं, आजादी महानायक को समर्पित है” कुछ दिनों पहले किसी ने खाने...

सिकुड़ती मुक्ति भयाकांत स्वतंत्रता

“स्वतंत्रता के लिए जरूरी असहमति और अभिव्यक्ति की जगह कम होती जा रही है” हमारे यहां मुक्ति,...

मुश्किल भरी राह पर पहला कदम

क्या अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को भारत से जोड़ने वाला पुल था, या यह ऐसी खाई थी जो जम्मू-कश्मीर को भारत से...