अंदरखाने

राहुल गांधी
राहुल गांधी

हमारे जवानों को नॉन-बुलेट प्रूफ ट्रकों में शहीद होने के लिए भेजा जा रहा है और प्रधानमंत्री के लिए 8,400 करोड़ का हवाई जहाज! क्या यह न्याय है? राहुल गांधी, पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस

 

लॉकडाउन का प्रचार

कोरोना काल में बढ़ती निगेटिव खबरों के बीच, पॉजिटिव खबरें लाने की तैयारी है। इसके लिए संघ ऐसे लोगों की कहानियां लाने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद की, जान बचाई और दूसरों के लिए तारणहार बने हैं। इसके लिए बकायादा शॉर्ट वीडियो और शॉर्ट फिल्मों के साथ लोगों के बीच जाने की तैयारी है। मकसद यही है कि लॉकडाउन की निगेटिविटी के बीच कुछ ऐसी बातें सामने आए जो प्रचार का काम कर जाएं। इसके लिए संघ ने टीम भी तैयार कर ली है। यह टीम देश के कोने-कोने से इस तरह की कहानियां जुटा रही है।

मैडम और तेजस्वी

बिहार में मैडम की काबिलियत को तेजस्‍वी ने पहचानकर टिकट दे दिया है। मुखिया के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी मैडम बिहार के एक आइएएस अधिकारी की पत्‍नी हैं। पहले वह दिल्‍ली के एक स्‍कूल में पढ़ाती थीं। कुछ समय पहले गांव आईं और वहां की स्थिति देखी तो लगा कि यहीं कुछ करना चाहिए। ग्रामीण सरोकार बढ़ाया,  चुनाव लड़कर मुखिया बन गईं। काम भी किया, इसलिए पहचान भी बन गई। पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय पंचायत सशक्‍तीकरण पुरस्‍कार से सम्‍मानित भी हुईं। चैंपियन ऑफ चैंपियंस पुरस्‍कार भी उप राष्‍ट्रपति के हाथों पा चुकी हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास संस्‍थान के नौ सदस्‍यीय पैनल में भी मैडम शामिल रह चुकी हैं। इतना सब होने के बावजूद भाजपा ने मैडम की काबिलियत को नहीं समझा तो तेजस्वी ने मौका भुना लिया है। अब मैडम नेपाल के सीमावर्ती इलाके से चुनाव लड़ेंगी। देखना है कि मुखिया वाला जादू इन चुनावों में चलता है या नहीं।

नेताजी की बेबसी

ऐतिहासिक पार्टी की कमान संभालने वाले नेताजी को आजकल कुछ सूझ नहीं रहा है। उन्‍हीं की पार्टी में किसी पुराने आदमी की पुनर्वापसी हो रही थी और उन्‍हें खबर तक नहीं। नेताजी जब झारखंड के प्रभारी के साथ बैठक कर रहे थे उसी समय दक्षिण के प्रदेश से पार्टी के एक बड़े नेता का फोन आया और नेताजी को बस इस सूचना से अवगत करा दिया गया। न कोई विमर्श न सहमति, सीधा एयर ड्रॉपिंग। जिस नेताजी की पुनर्वापसी हुई, उनका भी कद बड़ा है। पहले अधिकारी थे, कंपनी के सीईओ भी रहे। पार्टी में आने के बाद किसी का स्‍वागत होता है, मगर प्रदेश की कमान संभालने वाले नेताजी ने स्‍वागत के बदले विष वमन कर दिया। रिश्‍ते पहले भी बहुत अच्‍छे नहीं थे, लगता है अब और बिगड़ जाएंगे।

चुनाव से गायब!

मध्य प्रदेश के उपचुनाव इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद अहम हैं। परिणामों से साफ हो जाएगा कि राज्य में भाजपा की सत्ता रहेगी या फिर कांग्रेस को दोबारा मौका मिल सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों दल जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। लेकिन 28 सीटों पर हो रहे उप चुनावों के प्रचार से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता गायब हैं। चर्चा है कि नेताजी इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने यह फैसला अपने दोस्त के साथ हुए समझौते के तहत किया है। दोस्त का मानना है कि नेताजी के खिलाफ अब भी राज्य में नाराजगी है, इसलिए उनसे चुनाव से दूर ही रहने को कहा गया है।

बागी तेवर

मैडम विधायक दूसरे राजघराने से आती हैं, पर उनका असर हर जगह दिखता है। इन दिनों वे अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं। पति भी विधायक थे और संगठन में मजबूत पकड़ रखते थे। जब से पति का देहांत हुआ, तब से उनके क्षेत्र का मैडम ही प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके ट्विटर पर जाइए तो शासन विरोधी टिप्‍पणियों की भरमार मिलेगी। ताजा टिप्‍पणी अवैध खनन को लेकर है। खनन को गहराई से जानने वाले जानते हैं कि मैडम का निशाना कहां है।

कौन बनेगा प्रधान सचिव

हरियाणा के नए मुख्य सचिव के तौर पर 1985 बैच के आइएएस विजय वर्धन की नियुक्ति के बाद अब सभी अफसरों की नजरें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर लगी हुई हैं। दरअसल मुख्यमंत्री मनोहल लाल खट्टर के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर तीन साल के लिए वर्ल्ड बैंक के कार्यकारी निदेशक के तौर पर इसी महीने वाशिंगटन चले जाएंगे। मुख्यमंत्री से गहरी निकटता के चलते ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि खुल्लर अपनी पसंद के ही किसी अफसर को अपनी जगह बैठा कर जाएंगे।

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