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बिहार में जहरीली शराब के कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई
बिहार में जहरीली शराब के कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई

जहरीली शराब का कहर

बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब ने कहर ढा दिया है। प्रदेश के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की जान चली गई जबकि पश्चिम चंपारण के नौतन में 15 लोगों की मौत हो गई। दिवाली के एक दिन पहले हुए इस हादसे से विपक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हो गया है। हाल के दिनों में जहरीली शराब के कारण 26 लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार में यह पहली बार नहीं है, जब जहरीली शराब के कारण के कारण जानें गई हैं। 2021 में इस कारण अब तक 90 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, इसका सरकारी आंकड़ा 40 मौतों का है। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी में बुरी तरह विफल रहे हैं और वे अवैध शराब की घटनाओं को लेकर बिलकुल गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि बिहार में बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के बाद शराबबंदी की समीक्षा करने तथा सख्त कार्रवाई करने की घोषणा की है। गौरतलब है कि शराबबंदी के बाद से बिहार में अब तक जहरीली शराब से सर्वाधिक मौतें इसी साल हुई हैं। इसके पहले शराबबंदी के बाद साल 2016 से 2020 तक जहरीली शराब के कारण 35 लोगों की मौत हुई थी।

पश्चिम चंपारण में दिवाली से एक रात पहले कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ मृतकों के परिजनों का कहना है कि उनके रिश्तेदारों की मौत बीमारी से हुई है। लेकिन गंभीर रूप से बीमारों का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने सभी लोगों के स्प्रिट पीने की पुष्टि की है। जहरीली शराब पीने से बीमार एक दर्जन के अधिक लोगों का दरभंगा मेडिकल कालेज और कई निजी अस्पतालों में भी चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेकिन चिकित्सकों की पुष्टि के बाद भी फिलहाल प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक प्रशासन इन्हें संदिग्ध मौतें मान कर ही चल रहा है।

साधारण लोग, असाधारण उपलब्धि

तुलरी गौड़ा

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए 119 पद्म अवार्ड प्रदान किए। इनमें सात पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री अवार्ड शामिल हैं।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया। कंगना रणौत, अदनान सामी, पीवी सिंधू, रानी रामपाल, भारत की पहली महिला एयर मार्शल डॉ. पद्मा बंदोपाध्याय (सेवानिवृत्त) और आइसीएमआर के पूर्व प्रमुख साइंटिस्ट डॉक्टर रमन गंगाखेडकर के साथ 65 साल के हरेकाला हजब्बा और तुलसी गौड़ा जब सम्मान लेने राष्ट्रपति के पास गए, तो हॉल तालियों से गूंज उठा। हरेकाला ने अपने गांव में जमापूंजी से एक स्कूल खोला है। हजब्बा मैंगलोर शहर में संतरे बेचते हैं। गांववालों की मदद अपनी बचत के पैसे से उन्होंने स्थानीय मस्जिद में एक स्कूल शुरू किया। उनकी मेहनत से ही जिला प्रशासन ने 2008 में नयापुडु गांव में 14वां माध्यमिक स्कूल बनवाया है।

हजब्बा के साथ ही कर्नाटक की पर्यावरणविद तुलसी गौड़ा को यह सम्मान मिला है। उन्हें 30,000 से ज्यादा पौधे लगाने और पिछले छह दशकों से पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में शामिल रहने के लिए सम्मानित किया गया। गौड़ा पारंपरिक धोती और हजब्बा की तरह नंगे पैर सम्मान लेने पहुंची थीं। हलक्की जनजाति से आने वाली तुलसी का ज्यादातर समय जंगल में गुजरता था। गरीबी की वजह से वे पढ़ भी नहीं पाईं। लेकिन उन्हें इतने पेड़-पौधों की जानकारी है कि स्थानीय लोग उन्हें ‘जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया’ कहने लगे, जो बाद में उनकी पहचान ही बन गई।

आदिवासी छात्रा ने पास की नीट

एम. शांगवी

कोयंबटूर की एक आदिवासी छात्रा एम. शांगवी ने दूसरे प्रयास में नीट परीक्षा पास कर ली है। शांगवी ने जो कर दिया, उससे वंचित वर्ग के बच्चों, खास कर लड़कियों को आगे बढ़ने और पढ़ने की हिम्मत मिलेगी। शांगवी ऐसे समुदाय से आती हैं, जहां शिक्षा प्राप्त करना बहुत कठिन है। मदुकराई में बसे मालासर आदिवासी समुदाय से आने वाली 19 वर्षीय शांगवी इस गांव में रहने वाले 40 परिवारों के बीच पहली छात्रा हैं, जिसने 12वीं की परीक्षा पास की है। शांगवी को नीट में 202 नंबर मिले हैं। पढ़ने के अलावा भी उन्हें कई तरह के संघर्ष से गुजरना पड़ा। सामुदायिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय कलेक्टर ने उनके मामले में हस्तक्षेप किया तब जाकर उन्हें प्रमाण पत्र मिल पाया।

बीच बहस में

कपिल देव

कपिल देव

भारत के टी20 विश्व कप से बाहर हो जाने के बीच, 1983 में विश्वकप लाने वाले खिलाड़ी कपिल देव ने कहा, भारतीय टीम अपनी टीम के बजाय आइपीएल को तवज्जो देती है। उनका कहना है, बीसीसीआइ को अब लगातार शेड्यूल पर ध्यान देना चाहिए।

ओंखोलर

ओंखोलर

दिग्गज बॉक्सर मैरी कॉम के पति। आगामी मणिपुर विधानसभा में चुनाव लड़ने का ऐलान। चुराचांदपुर जिले के साईकोट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट चाहते हैं। मैरी उच्च सदन की मनोनीत सदस्य हैं। पार्टी टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय ही लड़ेंगे।

गोपाल राय

गोपाल राय

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री का कहना है कि भाजपा ने लोगों को जानबूझकर पटाखे जलाने के लिए उकसाया, जिससे दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इस बार सख्त प्रतिबंध और कोर्ट के आदेश के बावजूद दिवाली पर पटाखे चले।

कदमों के निशां

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