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अरुण गोविल
अरुण गोविल

“जय श्री राम’ पॉलिटिकल नारा नहीं है, यह हमारी संस्कृति और संस्कारों से जन्मा हृदय से निकला ऐसा उदघोष है, जो जीवन को सार्थक करता है। जय जय श्री राम।”

अरुण गोविल, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए अभिनेता

 

मुख्तार अंसारी की घर वापसी

मुख्तार अंसारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माफिया मुख्तार अंसारी को वापस उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्तार अभी पंजाब के रोपड़ जेल में है। उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए पुलिस की स्पेशल टीम पंजाब जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया है कि अंसारी को दो हफ्ते के अंदर उत्तर प्रदेश पुलिस के सुपुर्द कर दिया जाए। अब प्रयागराज कोर्ट तय करना है कि उसे बांदा जेल में रखा जाए या किसी और जेल में। पिछले दो साल से ज्यादा समय से मुख्तार रोपड़ जेल में है। इन दो साल में उत्तर प्रदेश पुलिस आठ बार पहले भी अंसारी को लेने पंजाब जा चुकी है। लेकिन हर बार कोई न कोई कारण बताकर पंजाब पुलिस ने हमेशा उसे उप्र पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया था। पंजाब पुलिस का कहना था कि अंसारी कई तरह की बीमारियां से ग्रस्त है और उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। अंसारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस से खुद की जान को खतरा बताया था। उसका कहना है कि जिस तरह जीप पलटने के नाम पर उप्र पुलिस ने विकास दुबे का एनकाउंटर किया है, वैसा ही कुछ उनके साथ हो सकता है। विकास दुबे भी उत्तर प्रदेश का माफिया था, जो मध्य प्रदेश भाग गया था। इसके बाद उप्र लाते वक्त पुलिस ने कहा था कि जीप पलटने पर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और मजबूरन गोली चलानी पड़ी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुनवाई के दौरान न्यायालय में कहा था कि अंसारी पर 15 केस दर्ज हैं और वह गैंगस्टर की श्रेणी में आता है। उसके न आने से उत्तर प्रदेश की अदालतों में उसके खिलाफ सुनवाई रुकी हुई है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब पुलिस को उसे उप्र पुलिस को सौंपने का आदेश दिया है।

नए सीजेआइ की कवायद

सुप्रीम कोर्ट

 

सर्वोच्च न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबड़े ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश के लिए न्यायमूर्ति नथालपति वेंकटरमण के नाम की सिफारिश की है। इसके साथ ही देश के अगले प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। न्यायमूर्ति बोबड़े 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। न्यायमूर्ति एन. वी. रमण फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। नियमों के मुताबिक, मौजूदा सीजेआइ अपनी सेवानिवृत्ति के एक महीने पहले अपने उत्तराधिकारी को लेकर सिफारिश भेजते हैं। अगर सरकार सिफारिश मंजूर करती है, तो न्यायमूर्ति रमण 24 अप्रैल को देश के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर पदभार संभाल सकते हैं। उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक रहेगा। सरकार न्यायमूर्ति बोबड़े की सिफारिश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेगी। रमण का जन्म आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के पुन्नावरम गांव में 27 अगस्त 1957 को हुआ था। 10 फरवरी 1983 को उन्होंने वकील के तौर पर करिअर की शुरुआत की थी। 27 जून 2000 को वे आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए और 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक उन्होंने आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम किया है। उसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे।

झारखंड में चॉकलेट घोटाला!

हेमंत सोरेन

झारखंड के 16वें स्‍थापना दिवस पर राज्य सरकार ने बच्चों को 5 करोड़ रुपये की चॉकलेट और टी-शर्ट बांटें। बस हुआ यह कि ये सब सामान कागज पर ही बंट गया। कैबिनेट की मंजूरी और मनोनयन के आधार पर आपूर्ति का ठेका दे दिया गया। लेकिन नौ हजार स्‍कूलों के बच्‍चों को न चॉकलेट मिली, न टी शर्ट। विधानसभा में सरयू राय ने इससे जुड़ा सवाल उठाया तो सरकार ने आरोपों को सही माना। सरकार की ओर से उत्‍तर दे रहे वित्‍त मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। टी-शर्ट का जिम्‍मा लुधियाना के कुडू फैब्रिक्‍स को मिला था, इस कंपनी को रांची, धनबाद और जमशेदपुर में टी-शर्ट की आपूर्ति करनी थी। जमशेदपुर की लाल इंटरप्राइजेज को चॉकलेट की आपूर्ति का जिम्‍मा मिला था। सरयू राय का कहना था कि स्कूलों से प्राप्ति रसीद तो ली गई लेकिन स्‍कूलों तक सामग्री नहीं पहुंची। सभी रसीदें एक ही फार्मेट में हैं और रसीदों पर एक ही तरह के हस्‍ताक्षर हैं।

मसीहा सोनू सूद की नई उड़ान

सोनू सूद

अभिनेता सोनू सूद कोरोना महामारी के दौरान कई प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए मसीहा बनकर सामने आए। लॉकडाउन के दौरान की गई मदद के कारण अब तक उन्हें कई पुरस्कारों और उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन हाल ही में, घरेलू उड़ान कंपनी स्पाइस जेट ने अपने बोइंग 737 पर उनकी तस्वीर लगाई और लिखा, ‘मसीहा सोनू सूद को सलाम।’ सोनू ने भावुक होकर स्पाइस जेट का आभार जताते हुए लिखा, “मैं मोगा से पहली बार मुंबई सामान्य दर्जे का टिकट लेकर आया था। आप सभी के प्यार के लिए धन्यवाद। मैं माता-पिता को बहुत मिस कर रहा हूं।” फोर्ब्स ने भी उन्हें लीडरशिप 2021 अवॉर्ड दिया है।

इलाज के लिए बैंक की रकम लूटी

आइसीआइसीआइ बैंक

 

मजबूरी आदमी से क्‍या न करा दे। झारखंड के चाईबासा में आइसीआइसीआइ बैंक के अधिकारी को अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी, तो उसने बैंक के रुपये लूटने की योजना बना ली। अधिकारी ने कुछ अपराधियों को यह काम सौंपा और 15 लाख रुपये लुटवा दिए। जगन्‍नाथपुर थाना के रंगामाटी के आइसीआइसीआइ बैंक के चंपुआ शाखा में हुई लूट की यह घटना 19 मार्च की है। बाद में पुलिस जांच में साजिश का खुलासा हुआ। चाईबासा एसपी अजय लिंडा के अनुसार आइसीआइसीआइ बैंक के सेल्‍स अफसर जगमोहन पलेई को अपनी मां के इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी, मगर उसके पास पैसे नहीं थे। लिंडा के अनुसार पलेई ने इसमें अपनी संलिप्‍तता स्‍वीकार की है। पलेई ने पैसों की खातिर चंपुआ के अपराधी मोहम्मद सलीम के जरिये लूट की योजना बनाई। तय योजना के तहत 19 मार्च को जब पलेई क्‍लाइंट से पैसा लेकर बाइक से बैंक जाएंगे, रंगामाटी गांव में ये लुटेरे पेलई से पैसों से भरा बैग लेकर भाग जाएंगे। पुलिस ने चार अपराधियों को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है और उनके पास से 11 लाख 84 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। शक के आधार पर पुलिस ने जब पलेई से सख्‍ती बरती तो उसने साजिश का खुलासा कर दिया।

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