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प्रियंका गांधी

भाजपा सरकार को सप्ताह के उस दिन का नाम ‘अच्छा दिन’ कर देना चाहिए जिस दिन डीजल-पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी न हो। क्योंकि महंगाई की मार के चलते बाकी दिन तो आमजनों के लिए ‘महंगे दिन’ हैं।

प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव       

 

कांग्रेस में गोडसे भक्त 

कमलनाथ

 

नाथूराम गोडसे की पूजा करने वाली हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में आने के बाद पार्टी में आपसी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने खुलकर विरोध करते हुए इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधा है। इसके बाद कुछ और कांग्रेसियों ने भी इस पर विरोध दर्ज किया, लेकिन ज्यादातर लोग इस मामले से दूरी बनाए हुए हैं। कमलनाथ की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। दूसरी ओर भाजपा ने इस घटना के बाद कांग्रेस को गांधीवादी विचारों से दूर जाने वाली पार्टी करार दे दिया है।

नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने ग्वालियर से पार्षद रहे बाबूलाल चौरसिया को पार्टी में शामिल कर लिया। चौरसिया अभी तक हिंदू महासभा के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे। स्थानीय कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने निकाय चुनावों को देखते हुए उन्हें कांग्रेस में लाने की पहल की और कमलनाथ की उपस्थिति में चौरसिया कांग्रेस में शामिल हुए। इसके बाद से ही पार्टी में विरोध का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा, “हम गोडसे नहीं, गांधी की विचारधारा की पूजा करते हैं।” उन्होंने एक वीडियो जारी करने के बाद पत्र भी जारी कर पार्टी के बड़े नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं। वे बोले, “ऐसे तो कांग्रेस क्या प्रज्ञा ठाकुर को भी स्वीकार कर लेगी?”

यादव ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ मैं चुप नहीं रहूंगा। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा कि मैं विचारधारा को लेकर लाभ-हानि की चिंता किए बिना जुबानी जंग नहीं, बल्कि सड़क पर लड़ाई लड़ता हूं। देश के सारे बड़े नेता कहते हैं कि देश का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे था। आज गोडसे की पूजा करने वाले के कांग्रेस में प्रवेश पर वे सब नेता खामोश क्यों हैं?

चौरसिया के कांग्रेस में आने का विरोध किए जाने का पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और पूर्व मंत्री सुभाष सोजतिया ने भी समर्थन किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि चौरसिया को कांग्रेस से बाहर निकाल देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने भी कहा है कि गोडसे के उपासकों की जगह कांग्रेस के बजाय सेंट्रल जेल में होनी चाहिए। इस बयानबाजी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस पूरे मामले में तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस महात्मा गांधी और आंबेडकर के नाम का उपयोग सिर्फ सत्ता में आने के लिए करती है, उसे उनकी विचारधारा से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस में तो सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी की विचारधारा सर्वोपरि है। कांग्रेस में महात्मा गांधी को मानने वाले कम लोग ही बचे हैं, ज्यादातर तो गोडसे भक्त ही हैं।

रक्षा मंत्री के दत्तक पुत्र का विवाह

राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने साल 2000-2001 के दौरान आजमगढ़ के वीरपुर खिलवा की अनुसूचित जाति की सुशीला देवी के प्रतिभाशाली बेटे बृजेंद्र कुमार का बेहतर भविष्य बनाने के इरादे से गोद लिया था। बिजेंद्र के सिर से पिता जगन्नाथ का साया बचपन में ही उठ गया था। पति के देहांत के बाद सुशीला देवी अपने तीनो पुत्रों को लेकर गाजीपुर के सैदपुर अपने मायके आ गईं। पढ़ने में तेज बिजेंद्र ने कक्षा आठ में टॉप किया। उस समय राजनाथ सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने फोन बिजेंद्र की पारिवारिक स्थिति के बारे में पता किया और बाद में उसे गोद लिया। पिछले दिनों राजनाथ अपने दत्तक पुत्र की शादी में गाजीपुर पहुंचे और तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। बहुत से स्थानीय लोगों को इस बात का पता नहीं था। यहां तक कि बृजेंद्र की होने वाली दुल्हन प्रीतिका और उनके घरवालों को भी इस संबंध का उसी समय पता चला।

मिशन मंगल में भारतीय वैज्ञानिक

संजीव गुप्ता

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में मंगल ग्रह पर अपने रोबोट पर्सेवरेंस रोवर को सफलतापूर्वक उतार दिया है। इस मिशन में एक भारतीय प्रोफेसर संजीव गुप्‍ता भी शामिल हैं। कोरोना के कारण लगे ट्रैवल बैन के कारण वे अपने घर से ही पर्सेवरेंस का काम संभाल रहे हैं। पचपन साल के प्रोफेसर गुप्‍ता भारतीय मूल के ब्रिटिश भूवैज्ञानिक हैं और लंदन इंपीरियल कॉलेज से जुड़े हैं। वह 2027 में मंगल ग्रह से सैंपल लाने वाली टीम का भी हिस्‍सा हैं। हालांकि उन्‍हें मिशन के दौरान कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्‍शन लैब में मौजूद नहीं होने का मलाल है। उनका कहना है कि इस मिशन से जुड़े 400 से अधिक वैज्ञानिकों में से कई वर्क फ्रॉम होम ही कर रहे हैं और उन्हें खुशी है कि वे इस टीम में हैं।

बिहारी बाहुबली का दर्द

रीतलाल

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नव-निर्वाचित विधायक रीतलाल यादव परेशानी में हैं। लोग अब भी उनका नाम लेकर रंगदारी मांग रहे हैं। दरअसल, रीतलाल बाहुबली रहे हैं और उन पर हत्या सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल वे जमानत पर जेल से बाहर हैं। विधायक बनने के बाद वे अपनी छवि सुधारना चाहते हैं, लेकिन उनका पुराना क्रिमिनल रेकॉर्ड आड़े आ रहा है। उनका कहना है कि सात-आठ लोग उनके नाम पर लोगों को फोन करके दो से बीस लाख रुपये तक की रंगदारी मांग रहे हैं। फोन पर वे लोग कहते हैं, “मैं विधायक बोल रहा हूं। 15 लाख रुपये दो नहीं तो तुम्हारे बेटे का काम तमाम कर दूंगा। तुम्हारे परिवार का सत्यानाश कर दूंगा। जानते नहीं हो हम कौन हैं, रीतलाल यादव नाम है मेरा।” रीतलाल के पास कुछ ऑडियो टेप सबूत के तौर पर मौजूद हैं। उन्हें इस बात की जानकारी तब मिली जब कुछ भुक्तभोगी उनके पास पहुंचे। रीतलाल का कहना है कि अज्ञात लोगों ने फोन पर उनकी आवाज की बखूबी नकल की है, जिसे सुनकर वे भी चकित हैं।   

रीतलाल ने पिछला चुनाव राजद के टिकट पर दानापुर से जीता था। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा विधायक आशा सिन्हा को हराया, जिनके पति सत्य नारायण सिन्हा की 2003 में हत्या कर दी गई थी। उस मामले में रीतलाल को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। वर्षों तक फरार रहने के बाद राजनैतिक महत्वाकांक्षा के कारण उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और 2015 में जेल में रहते हुए बिहार विधान परिषद चुनाव जीतकर निर्दलीय एमएलसी बन गए।

बीच बहस में

 

प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर

अब ये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार बन गए हैं। कैबिनेट से मुहर के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। फिलहाल वे बंगाल में ममता बनर्जी को जीत दिलाने की रणनीति बनाने में जुटे हैं। उसके बाद वे अमरिंदर के चुनाव अभियान की कमान संभालेंगे।

ई. श्रीधरन

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर 88 साल के श्रीधरन भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनका लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाना है। जीतने पर वे मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। राज्यपाल पद संभालने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि इस पद में शक्ति नहीं होती।

अक्षर पटेल

अक्षर

लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन, रविचंद्रन अश्विन के बाद टेस्ट मैच की दोनों पारियों में पांच विकेट झटकने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज। हिरवानी के बाद दूसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने अपने पहले दो टेस्ट मैचों में 3 बार पांच विकेट लिए हैं।

कदमों के निशां

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