खबरचक्र

नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

“वैक्सीन को लेकर भारत के पास जैसा अनुभव है, वह दुनिया के बड़े-बड़े देशों के पास भी नहीं है। हमारे लिए जितनी जरूरी ‘स्पीड’ है, उतनी ही जरूरी ‘सेफ्टी’ भी है।”- प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी

केरल का विवादास्पद अध्यादेश वापस

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन

केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार ने अपने उस विवादस्पद अध्यादेश को वापस लेने का फैसला किया है, जिसके अंतर्गत किसी भी तरह के आपत्तिजनक, अपमानजनक या किसी को धमकाने वाली किसी भी माध्यम पर डाली गई पोस्ट पर तीन साल तक की सजा या 10 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों तरह की सजा का प्रावधान था। यह अध्यादेश केरल पुलिस को ऐसे मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करता था। यानी अगर पुलिस को लगता कि किसी पोस्ट से किसी अन्य व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंची है, तो वह उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती थी। केरल सरकार का मानना है कि कोरोना काल में सोशल मीडिया पर अफवाहें और भड़काऊ बातें तेजी से फैलीं और इसके साथ साइबर क्राइम भी बढ़े, जिससे लोगों की निजता पर खतरा पैदा हो रहा है। यह अध्यादेश केरल पुलिस को ऐसे अपराधों से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया था। हालांकि विरोधियों के अनुसार, इस कानून का इस्तेमाल सरकार उन लोगों के खिलाफ करती, जो उनके खिलाफ कुछ भी लिखते या बोलते।

तेजस की थमी रफ्तार

तेजस ट्रेन

देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस ट्रेन फिलहाल बंद हो गई है। आइआरसीटीसी द्वारा चलाई गई इस ट्रेन में कोरोना संक्रमण की वजह से यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई थी। इस वीआइपी ट्रेन को फिर कब से चलाना है, इसका निर्णय बाद में किया जाएगा। शुरुआत में इस ट्रेन को काफी सफलता मिली थी, लेकिन हाल के महीनों में रेलवे को इससे मुनाफा होना बंद हो गया था। रेलवे के सूत्रों के अनुसार दिल्ली-लखनऊ रूट पर फिलहाल 25 प्रतिशत यात्री भी सफर नहीं कर रहे थे, जबकि मुंबई-अहमदाबाद रूट पर ट्रेन औसतन यात्रियों की संख्या 35 फीसदी ही थी। इस ट्रेन का परिचालन लॉकडाउन शुरू होने के पहले ही 19 मार्च से बंद कर दिया गया था और 17 अक्टूबर से त्योहारों के मौसम के कारण फिर से शुरू किया था। लेकिन, एक महीने के भीतर ही इसे फिर बंद करने की नौबत आ गई। दिल्ली-लखनऊ के बीच तेजस एक्सप्रेस प्राइवेट ट्रेन के रूप में अक्टूबर 2019 से शुरू हुई थी, जबकि मुंबई-अहमदाबाद तेजस ट्रेन इसी वर्ष जनवरी में शुरू की गई थी।

नई उड़ान का हमसफर

राष्ट्रपति कोविंद और उनकी पत्नी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की प्रथम महिला सविता कोविंद के संग चेन्नै और तिरुपति की यात्रा कर एयर इंडिया वन-बी 777 विमान का उद्घाटन किया। एयर इंडिया वन बोइंग 777 एयरक्राफ्ट खास तौर पर देश के प्रमुखों राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की देश-विदेश यात्रा के लिए तैयार किया गया है। इसका पहला विमान एक अक्टूबर को भारत आया था। इन विमानों को कस्टमाइज करने का काम अमेरिका के डैलास में किया गया। इन विमानों के लिए भारत ने 2018 में बोइंग कंपनी से डील की थी। इन विमानों की खासियत यह है कि ये बगैर रुके भारत से अमेरिका तक उड़ान भर सकते हैं। इस विमान के भारत आने के बाद यह देश के तीनों गणमान्य व्यक्तियों के लिए समर्पित विमान का पहला सेट है। इन विमानों के आने से पहले तक तीनों हस्तियां यात्रा के लिए एयर इंडिया के विमानों का प्रयोग करती रही हैं।

डेल्ही क्राइम को एमी अवार्ड

शेफाली शाह

दिल्ली के निर्भया गैंगरेप पर आधारित नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई वेब सीरीज डेल्ही क्राइम को प्रतिष्ठित इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2020 में बेस्ट ड्रामा सीरीज का अवॉर्ड मिला है। सीरीज में शेफाली शाह पुलिस ऑफिसर बनीं है, जो साल 2012 में हुए निर्भया केस की जांच करती है। सीरीज में शेफाली शाह के अलावा, राजेश तैलंग, आदिल हुसैन, रसिका दुग्गल, गोपाल दत्त तिवारी, जया भट्टाचार्य जैसे कलाकार हैं। ऑस्कर विजेता एक्ट्रेस ग्लेंडा जैक्सन को एलिजाबेथ इज मिसिंग के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला, जबकि रिस्पांसिबल चाइल्ड को दो कटगरी में अवार्ड मिला है। प्राइम वीडियोज के लिए बनी भारत की फॉर मोर शॉट्स को भी बेस्ट कॉमेडी सीरीज के लिए नॉमिनेट किया गया था। हालांकि यह अवॉर्ड नोब्डी लूकिंग सीरीज ने अपने नाम किया। कोरोनावायरस की वजह से पहली बार ऐसा हुआ, जब इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स वर्चुअल तरीके से आयोजित किए गए। इसे रिचर्ड काइंड ने न्यूयार्क सिटी के एक खाली थिएटर में होस्ट किया और लाइव स्ट्रिमिंग के जरिए लाखों लोगों ने इसे अपने-अपने घरों में देखा। पहली बार यहां लाइव ऑडियंस नहीं थी।

कांग्रेस के संकटमोचन थे पटेल

अहमद पटेल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का 71 साल की उम्र में निधन हो गया। पटेल पार्टी के कोषाध्यक्ष भी थे। वे कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे। अहमद पटेल कोविड-19 से संक्रमित थे। 21 अगस्त, 1949 को गुजरात के अंकलेश्वर में जन्मे अहमद पटेल ने राजनीतिक सफर नगरपालिका के चुनाव से किया था। इसके बाद इंदिरा गांधी की नजर इस युवा और तेजतर्रार नेता पर पड़ी, जिसके बाद 1977 से 1982 तक वे गुजरात युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। राजनीति पर उनकी पकड़ इसी बात से पता चलती है कि देश में जब 1977 में इंदिरा गांधी के खिलाफ माहौल था, तब अहमद पटेल ने पहली बार गुजरात के भरूच से लोकसभा का चुनाव जीता। उस साल इंदिरा गांधी खुद भी चुनाव हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने 1980, 1984 का लोकसभा चुनाव भी भरूच से ही जीता।

गांधी परिवार के विश्वस्त पटेल अपनी पार्टी के संकटमोचन थे। 2017 में गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के कुशल रणनीतिकार समझे जाने वाले अमित शाह को भी पटखनी दी थी। भाजपा ने कांग्रेस से ही भाजपा में आए बलवंत सिंह को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था। अमित शाह ने पटेल को हराने के लिए जबर्दस्त इंतजाम किया था। पटेल की सीट इसलिए भी संकट में थी क्योंकि कांग्रेस के छह विधायक पार्टी छोड़ चुके थे। लेकिन पटेल ने सियासी कुशलता से पांचवीं बार संसद के उच्च सदन में अपनी जगह बना ली थी।

बीच बहस में

कुणाल कामरा

कुणाल कामरा

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ किए गए ट्वीट के कारण अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अदालत की अवमानना के आरोप में कार्यवाही की इजाजत दी। अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले कामरा ने ट्वीट पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है।

भारती सिंह

भारती सिंह

लोकप्रिय स्टैंड-अप कॉमेडियन और टीवी पर्सनालिटी भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया को मुंबई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मादक पदार्थ के सेवन और इसे रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। हालांकि दोनों को गिरफ्तारी के बाद जल्द ही जमानत मिल गई। उनके घर और दफ्तर से 86.5 ग्राम गांजा जब्त हुआ था। खबर है कि दोनों ने गांजा के सेवन की बात स्वीकार की है।

अख्तरुल ईमान

अख्तरुल ईमान

बिहार विधानसभा में शपथ ग्रहण के दौरान उर्दू में शपथ ले रहे एआइएमआइएम के बिहार अध्यक्ष और अमौर विधायक ने ‘हिंदुस्तान’ शब्द को लेकर आपत्ति जाहिर की और इसकी जगह ‘भारत’ शब्द का इस्तेमाल करने की बात कहकर विवाद खड़ा किया। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने बिना समय गंवाए उन्हें पाकिस्तान जाने की नसीहत दे डाली।

कदमों के निशां

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से