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इंटरव्यू/ उप-मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश/ हमारी सरकार के सामने कोई चुनौती नहीं: ब्रजेश पाठक

ब्रजेश पाठक
ब्रजेश पाठक

ब्रजेश पाठक भारतीय जनता पार्टी में जमीनी स्तर से उठकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में उप-मुख्यमंत्री बने हैं। पाठक ने बहुत कम समय में एक सक्षम प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आउटलुक के साथ बातचीत में पाठक यूपी को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए योगी सरकार के संकल्प के बारे में बात करते हैं और साथ ही देश के सबसे बड़े राज्य में अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत की संभावनाओं के बारे में आश्वस्त दिखते हैं। संपादित अंश:

 

आपकी सरकार हाल ही में सार्वजनिक मंचों से उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने की बात कर रही है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपकी क्या तैयारी है?

उत्तर प्रदेश इस समय आर्थिक मोर्चे पर सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है। हमारे पास देश का सबसे बड़ा इन्‍फ्रास्ट्रक्चर है। हमारे राज्य में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे हैं। यूपी में 17 एयरपोर्ट बन रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। हमने एक ऐसी प्रणाली स्थापित की है जिससे हमें दैनिक आधार पर लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े प्राप्त होते हैं।

आजकल राज्य भर में डॉक्टर रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख मरीजों की जांच रहे हैं। हमारे डॉक्टर केवल चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के संस्थानों में ही प्रतिदिन लगभग 5,000 ऑपरेशन कर रहे हैं। 2017 में जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, यह आश्वस्त करने के प्रयास किए गए हैं कि यूपी के निवासियों को किडनी प्रत्यारोपण और बाइपास सर्जरी के लिए एक जगह से दूसरी जगह भटकना न पड़े। हमारी सरकार ने एमबीबीएस की सीटें भी बड़ी संख्या में बढ़ाई हैं। हम खाद्य उत्पादन के मामले में भी देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचने वाले हैं और चीनी उत्पादन में हम पहले से ही नंबर वन हैं।

प्रदेश के युवा हमारी ताकत हैं। हम राज्य भर में उनकी सामाजिक और आर्थिक समृद्धि के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहे हैं। उचित प्रशिक्षण से उन्हें उनके कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के हर जिले को 'एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)' योजना के माध्यम से वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।

लखनऊ का चिकन शिल्प कौशल और जरदोजी का काम, रामपुर का चाकू और वायलिन, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन से पीलीभीत की बांसुरी, अमरोहा का ढोलक, अलीगढ़ के ताले,  बनारस की साड़ी और लकड़ी के खिलौनों से जौनपुर की इमरती, प्रयागराज के अमरूद, मलीहाबाद के दशहरी आम तक कई ऐसे आइटम हैं जो स्थानीय से वैश्विक बाजार की ओर जा रहे हैं। ऐसे उत्पादों से जुड़े श्रमिक, लघु उद्योग, किसान और कारीगर सभी को पहचान और पैसा मिल रहा है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यूपी के कुछ उत्पादों को कई राष्ट्राध्यक्षों को उपहारस्वरूप दिया, तो इससे दुनिया भर में उनकी धूम मची।

आपके अनुसार आपकी सरकार के लिए अब क्या चुनौतियां हैं?

हमारे लिए कोई चुनौती नहीं है। हमने 2017 और 2022 के बीच अपनी सरकार के प्रदर्शन के आधार पर अपने लिए विकास का एक मापदंड बनाया है। हम उससे भी ऊपर उठना चाहते हैं। यूपी ने पिछले पांच वर्षों में विकास के मोर्चे पर उत्कृष्ठ काम किया है। पहले हमारे यहां केवल तीन हवाई अड्डे थे लेकिन अब हम 17  हवाई अड्डे बना रहे हैं। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन रहा है जो समय पर बनकर तैयार हो जाएगा। अब, लगभग हर गंतव्य के लिए यूपी से उड़ानें उपलब्ध हैं। हम हर चुनौती का डट कर सामना करते हैं और आगे बढ़ते हैं।

यूपी में उद्योगों के विकास में खराब कानून व्यवस्था पहले एक बड़ी बाधा थी लेकिन ऐसा लगता है कि आपकी सरकार ने राज्य में अपराधमुक्त वातावरण बनाने के लिए अच्छा काम किया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत करने के लिए आपकी सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

2017 में जब योगी आदित्यनाथ जी की सरकार बनी तो कानून-व्यवस्था और अपराध हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। हमने पहला कदम एंटी रोमियो स्क्वाड बनाकर उठाया और लड़कियों व महिलाओं को परेशान करने वाले बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। हमने लगभग 5,000 मामले दर्ज किए हैं और 15,000 लोगों को सलाखों के पीछे डाला है। हमारी पहल के सकारात्मक परिणाम इसके शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद दिखाई देने लगे थे। नतीजतन, राज्य भर में महिलाएं और लड़कियां बिना किसी डर-भय के घर से बाहर निकलने लगीं।

बाद में हमने बिना किसी देरी के संगठित अपराध माफिया को नष्ट करने के लिए काम किया, जिन्होंने पूरे यूपी में अपना जाल फैलाया था। आज वही कुख्यात क्राइम माफिया सदस्य जेल में अपना समय बिता रहे हैं। वास्तव में, हमारी सरकार ने राज्य पुलिस प्रशासन को अपराध से सख्ती से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन और स्वतंत्रता दी है, जिसने पूरे राज्य में अपराधियों के मन में डर पैदा किया है।

यूपी सरकार ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और गुंडा एक्ट, नेशनल सिक्योरिटी एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत दंगाइयों, माफिया तत्वों और अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। हमने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में आपराधिक सोच के लिए कोई जगह नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो हम किसी भी स्थिति में कानून और सुरक्षा की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए नए कानून भी बनाएंगे। 2017 से पहले यूपी कई दंगों का गवाह रहा था। अकेले मुजफ्फरनगर में ही सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी लेकिन मोदी जी और योगी जी की बदौलत जबसे हमारी सरकार सत्ता में आई है तबसे एक भी दंगा नहीं होने दिया।

2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार की सत्ता में वापसी एक ऐतिहासिक घटना थी। अब सबकी निगाहें अगले लोकसभा चुनाव पर हैं। 2024 के लिए आपकी क्या तैयारी है?

वह वास्तव में एक ऐतिहासिक घटना थी। यूपी के 37 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई सत्ताधारी पार्टी सत्ता में लौटी है। इसका सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति को जाता है। अब, समाज का अंतिम व्यक्ति भी सरकार में अपने महत्व और भागीदारी को महसूस करता है। इससे पहले, यूपी एक व्यक्ति और एक परिवार के निर्देशों से शासित था, जिसमें केवल एक विशेष जाति और समुदाय के हितों को ध्यान में रखा गया था। यूपी में अब सही मायने में समावेशी सरकार है।

अब समाज के वंचित, शोषित और वंचित वर्ग गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। दशकों बाद घर, बिजली, पानी, शौचालय और गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित तबकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। यही हमारी जीत और प्रगति का कारण है। साथ ही जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि बढ़ी है और जिस तरह से भारत ने उनकी दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प से कोरोना की महामारी से निपटा है, मुझे यकीन है कि हम 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में 80 लोकसभा सीटें जीतने जा रहे हैं। जनता विपक्षी दलों द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार और तुष्टीकरण की राजनीति से वाकिफ हो गई है। वे समझते हैं कि सत्ता हासिल करने के लिए अन्य दल राष्ट्रविरोधी ताकतों से हाथ मिलाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

सरकार गठन के 100 दिन पूरे होने पर आपने "इन्वेस्ट यूपी" अभियान चलाया, लेकिन यह भी सच है कि यूपी के युवाओं को पलायन कर राज्य से बाहर काम की तलाश करनी पड़ रही है। आपकी सरकार उनकी मदद कैसे करेगी और अगले 100 दिनों के लिए उसका लक्ष्य क्या है?

हमारी सरकार नई पीढ़ी के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। युवा ही भविष्य है, इसलिए राज्य सरकार का हर फैसला उनके हितों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। हम कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को इतना कुशल बनाना चाहते हैं कि उन्हें दूर देश में भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कोविड महामारी के दौरान जब प्रवासी बड़ी संख्या में घर लौटे, तो हमने उनके कौशल के अनुसार उन्हें रोजगार प्रदान करने के लिए स्किल मैपिंग की। हमने उनके गृह जिलों में उनके परिवारों के साथ रहने में मदद करने के लिए वहीं रोजगार के अवसर पैदा करने का भी काम किया। हम उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लेकर लाए।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार करने की सहूलियत) के मामले में यूपी कई पायदानों की छलांग लगाकर देश में दूसरे नंबर पर आ गया है। यह कैसे संभव हुआ?

हमने पूरे राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है। अब एक सप्ताह में सभी आवश्यक सेवाएं, प्रमाण पत्र, लाइसेंस वगैरह डिजिटल माध्यम से जनता को उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हमने व्यवसाय संबंधित विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए 18 मंडलों में व्यावसायिक न्यायालय खोलने का कार्य भी किया है। हम उत्तर प्रदेश के हर वर्ग, हर नागरिक के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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