Home खेल टूर्नामेंट सुमित नागल का बेहतरीन खेल जारी, एटीपी चैलेंजर कैंपिनास के सेमीफाइनल में पहुंचे

सुमित नागल का बेहतरीन खेल जारी, एटीपी चैलेंजर कैंपिनास के सेमीफाइनल में पहुंचे

आउटलुक टीम - OCT 05 , 2019
सुमित नागल का बेहतरीन खेल जारी, एटीपी चैलेंजर कैंपिनास के सेमीफाइनल में पहुंचे
सुमित नागल का बेहतरीन खेल जारी, एटीपी चैलेंजर कैंपिनास के सेमीफाइनल में पहुंचे
आउटलुक टीम

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने एटीपी चैलेंजर कैंपिनास में अर्जेंटीना के फ्रांसिस्को केरूनडोलो की कठिन चुनौती से पार पाकर शनिवार को सेमीफाइनल में जगह बना ली है। हाल ही विश्व रैंकिंग में करिअर के सर्वश्रेष्ठ 135वें पायदान पर पहुंचने वाले इस भारतीय खिलाड़ी ने 13वीं वरीयता प्राप्त केरूनडोलो को 7-6 7-5 से शिकस्त दी।

पिछले दो सप्ताह में दूसरी बार अंतिम चार में जगह बनाई

नागल ने पिछले दो सप्ताह में दूसरी बार अंतिम चार में जगह पक्की की। छठी वरीयता प्राप्त नागल को फाइनल में पहुंचने के लिए अर्जेंटीना के ही जुआन पाल्बो फिकोविच की चुनौती से पार पाना होगा। नागल को पहले दौर में बाई मिली थी। दूसरे दौर में पुर्तगाल के उनके प्रतिद्वंदी गास्तो इलियास ने पहले सेट के बीच में ही मुकाबला छोड़ दिया था। अंतिम-16 में उन्होंने ब्राजील के ओरलैंडो लुज को 7-5 6-3 से हराया था। नागल ने पिछले सप्ताह अर्जेंटीना के फाकुंडो बोगनिस को हराकर करिअर का दूसरा एटीपी चैलेंजर क्ले कोर्ट खिताब जीता था।

यूएस ओपन में रोजर फेडरर को पहला सेट हराया था

सुमित ने पिछले महीने ही अपने पहले ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन के पहले राउंड में टेनिस के बादशाह स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को पहला सेट हराया था और तब फेडरर ने कहा था कि ये भारतीय खिलाड़ी काफी आगे तक जा सकते हैं। पिछले 20 वर्षों में एक ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में सेट जीतने वाले वे चौथे भारतीय बन गए थे। सुमित के छोटे से करिअर की यह दूसरी बड़ी सफलता है, इससे पहले 2017 में उन्होंने बेंगलुरु चैलेंजर्स इवेंट भी अपने नाम किया था।

1998 के बाद पहली बार हुआ ऐसा

सुमित नागल 2015 में जूनियर ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाली छठे भारतीय बने थे, उन्होंने वियतना के नाम हाओंग लि के साथ मिलकर विंबलडन में लड़कों के वर्ग का युगल खिताब जीता था। इसके इस साल सुमित इस साल के आखिरी ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन 2019 के मुख्य ड्रॉ में खेलने वाले प्रजनेश के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने, 1998 के बाद पहली बार ग्रैंडस्लैम में भारत के दो खिलाड़ियों ने भाग लिया, इससे पहले महेश भूपति और लिएंडर पेस विंबलडन में खेले थे।

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