Home खेल सामान्य पुलिस की गिरफ्त में आया पहलवान सुशील कुमार, ओलंपिक पदक जीतने से सलाखो के पीछे तक पहुंचने की ये है कहानी

पुलिस की गिरफ्त में आया पहलवान सुशील कुमार, ओलंपिक पदक जीतने से सलाखो के पीछे तक पहुंचने की ये है कहानी

आउटलुक टीम - MAY 23 , 2021
पुलिस की गिरफ्त में आया पहलवान सुशील कुमार, ओलंपिक पदक जीतने से सलाखो के पीछे तक पहुंचने की ये है कहानी
पुलिस की गिरफ्तार में आया पहलवान सुशील कुमार, ओलंपिक पदक जीतने से सलाखो के पीछे तक पहुंचने की ये है कहानी
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आउटलुक टीम

दो अलग-अलग ओलंपिक में पदक जीतकर और कई अवार्ड अपने नाम करने वाले देश के पहलवान सुशील कुमार आज की तारीख में “मोस्ट वांटेड” बन गए हैं। दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार पर एक लाख रूपए का इनाम रखा था। रविवार को दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, चार मई को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान के दो गुटों के बीच खूनी झड़प हो गई। इसमें जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस झड़प में कुल पांच पहलवान घायल हुए हैं।

इस झड़प में 23 साल के सागर धनखड़ की मौत हो गई है। जबकि सोनू महाल, अमित कुमार के अन्य दो पहलवान भी शामिल हैं जो घायल हुए हैं। इलाज के दौरान सागर की मौत हो गई। सागर पूर्व जूनियर नेशनल चैंपियन और दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल के बेटा थें। आरोप है कि सुशील गैंगस्टार के संपर्क में था और प्रोपर्टी डीलर का भी काम करता है। सागर और उसके दोस्त जिस घर में रहते थे, सुशील उसे खाली करने का दबाव बना रहे थें।

सुशील कुमार ने कुश्ती जैसे खेल को एक नई पहचान दी है। साल 2011 में भारत सरकार ने पद्मश्री से नवाजा था वहीं, साल 2005 में अर्जुन अवार्ड और 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। लेकिन, कभी हीरो रहे सुशील आज मोस्ट वांटेड बन गए हैं। पुलिस उन्हें खोज रही है। छापेमारियां चल रही है। इनाम रखा गया है।

सुशील कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है। ये कोई पहला मामला नहीं है। साल 2016 में सुशील कुमार ने रियो ओलिंपिक का टिकट न मिलने पर पहलवान नरसिंह यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दरअसल, 74 किग्रा वर्ग के लिए नरसिंह यादव का सिलेक्शन हुआ था, लेकिन सुशील कुमार ने खुद को ओलिंपिक में भेजने की पेशकश की। बाद में नरसिंह डोप टेस्ट में फेल हो गए। 

इसमें आरोप लगा की क्या सचमुच में किसी ने जानबूझकर नरसिंह यादव के खाने-पीने की चीजों में प्रतिबंधित दवाओं को मिला दिया था या उन्होंने जानबूझ कर ये दवाएं ली थी। तीसरी बार ओलंपिक में न जाने के बाद सुशील कुमार अलग रास्ते पर चल पड़ें। जिस वक्त नरसिंह यादव को ओलपिंक के लिए चुना गया था,उस वक्त हो रहे क्वालीफाइ प्रतिस्पर्धा के दौरान सुशील कुमार अनुपस्थित थे। सुशील के वर्गभार 74 किलोग्राम में एक अन्य पहलवान नरसिंह यादव ने क्वालीफाइ किया।

साल 2017 में भी सुशील कुमार विवादों में आए थे। गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्‍थ गेम्स के ट्रायल के दौरान सुशील कुमार और रेसलर प्रवीण राणा के समर्थकों के बीच मारपीट हुई थी। प्रवीण राणा ने सुशील पर भी मारपीट का आरोप लगाया थें। सुशील के समर्थकों ने प्रवीण राणा के साथ भी मारपीट की थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

साल 1983 की 26 मई को दिल्ली के नजफगढ़ में जन्म लेने वाले सुशील कुमार के पिता पेशे से ड्राइवर थे। अर्जुन पुरस्कार विजेता महाबली सतपाल उनके गुरू हैं। बाद में सतपाल की बेटी से हीं सुशील ने शादी कर ली, जो अब ससुर भी बन चुके हैं।