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पैरा एथलीट को रेलवे ने एक बार फिर दी अपर बर्थ, पहले भी सोना पड़ा था फर्श पर

सुवर्णा ने कहा, "मेरे साथ जैसा जून में हुआ था वैसी ही घटना मेरे साथ कल फिर से घटित हुई। दिव्यांग होने के बाद भी मुझे ऊपर की बर्थ दी गई जबकि मैंने विशेष श्रेणी (दिव्यांग कोटे) से टिकट लिया था।"
पैरा एथलीट को रेलवे ने एक बार फिर दी अपर बर्थ, पहले भी सोना पड़ा था फर्श पर

हाल ही में राष्ट्रपति ने पैरा एथलीट देवेंद्र झांझरिया को देश के सर्वोच्च पुरस्कार खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित किया। देंवेंद्र खेल रत्न पाने वाले देश के पहले पैरा एथलीट हैं। एक तरफ सरकार जहां खिलाड़ियों को बड़े पुरस्कारों से नवाज रही है, वहीं कुछ सरकारी विभागों की लापरवाही और अनदेखी पैरा एथलीटों के लिए मुसीबन बनीं हुई है।

दरअसल, टेबल टैनिस में देश के लिए मेडल जीत चुकी अंतरराष्ट्रीय पैरा-ऐथलीट सुवर्णा राज को एक बार फिर रेलवे की लापरवाही की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा। दिव्यांग होने के बावजूद रेलवे ने पहले तो सुवर्णा को अपर बर्थ एलॉट कर दी। इसके बाद जब सुर्वणा ने टीटीई से लोउर बर्थ उपलब्ध कराने गुजारिश की तो टीटीई ने उनकी बात को अनसुना कर दिया।

चौंकाने वाली बात ये है कि सुवर्णा के साथ ऐसी ही घटना इसी साल जून में भी हुई थी। उस समय सुवर्णा ने रेलवे सफर के दौरान टीटी से सीट बदलने की गुजारिश भी की थी लेकिन सीट नहीं मिलने पर उन्हें जमीन पर सोना पड़ा था। घटना के बाद ट्विटर के जरिए उन्होंने रेल मंत्री से समास्या का हल निकालने की अपील की थी। घटना की देश भर में हुई आलोचना के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सुवर्णा ने कहा, "मेरे साथ जैसा जून में हुआ था वैसी ही घटना मेरे साथ कल फिर से घटित हुई। दिव्यांग होने के बाद भी मुझे दिल्ली-नागपुर ट्रेन में ऊपर की बर्थ दी गई जबकि मैंने विशेष श्रेणी (दिव्यांग कोटे) से टिकट लिया था।"

रेलवे की ओर से इस मामले पर पीआरओ अनिल सक्सेना ने सफाई दी है। पीआरओ अनिल सक्सेना ने कहा कि दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे बहुत संवेदनशील है। हम ऐसे यात्रियों की सुविधाओं और उन्हें मिलने वाली विशेष छूट का खास ख्याल रखते हैं।

गौरतलब है कि सुवर्णा राज पोलियो की वजह से करीब 90 फीसदी विकलांग है। जिसकी वजह से उन्हें व्हील चेयर पर रहना पड़ता है। सुवर्णा थाईलैंड के पैरा टेबल टेनिस ओपन 2013 में दो मेडल जीतकर देश का नाम रौशन कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ समय पहले दिल्ली में हुए एमसीडी चुनावों में योगेंद्र यादव की पार्टी स्वराज इंडिया के टिकट पर बाबरपुर इलाके से चुनाव भी लड़ा था। सुवर्णा दिव्यांगों के लिए एक एनजीओ भी चलाती हैं।

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