Home खेल सामान्य गाबा में अविश्वसनीय टेस्ट जीतने से लेकर, टोक्यो ओलंपिक में हॉकी कांस्य पदक तक, जानिए इस साल के 10 यादगार क्षण

गाबा में अविश्वसनीय टेस्ट जीतने से लेकर, टोक्यो ओलंपिक में हॉकी कांस्य पदक तक, जानिए इस साल के 10 यादगार क्षण

आउटलुक टीम - DEC 20 , 2021
गाबा में अविश्वसनीय टेस्ट जीतने से लेकर, टोक्यो ओलंपिक में हॉकी कांस्य पदक तक, जानिए इस साल के 10 यादगार क्षण
गाबा में अविश्वसनीय टेस्ट जीतने से लेकर, टोक्यो ओलंपिक में हॉकी कांस्य पदक तक, जानिए इस साल के 10 यादगार क्षण
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2020 में कोरोना वायरस के कारण उपजी भयावह बर्बादी के बाद, भारतीय खेल 2021 में पहले की तरह चमक गया। 2021 इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसी साल ओलंपिक का भी आयोजन हुआ। इस बार खेलों का ये सबसे बड़ा महाकुंभ, महामारी के चलते एक साल की देरी से शुरू हुई, लेकिन इसका नशा हर भारतीय ने महसूस किया। क्रिकेट, जो भारतीयों का खेलों की दुनिया में पहला प्यार है, उसने भी एक गर्व का अनुभव कराया क्योंकि एक युवा भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर, ऑस्टेलिया को हराकर एक क्रिकेट श्रृंखला जीती।

आइये एक नजर डालते हैं, इस साल के 10 अविस्मरणीय पलों पर:

1. नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल

ओलंपिक स्वर्ण पदक से बड़ा कुछ नहीं है और एक ऐसे देश में जहाँ हर चमकने वाली वस्तु के साथ इतना सम्मोहन जुड़ा हो, वहां लंबे समय बाद एक ओलंपिक गोल्ड का आना एक राष्ट्रीय जुनून बन गया। टोक्यो ओलंपिक में, नीरज चोपड़ा ने न केवल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक के 13 साल के इंतजार को समाप्त किया, बल्कि ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट भी बने।

2. पैराओलंपिक- रिकॉर्ड मेडल जितने का कीर्तिमान

टोक्यो में, भारत ने किसी भी ओलंपिक की तुलना में अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। हालांकि यहां पैरालिम्पियन जांबाज भी पीछे नहीं रहे, वो 19 पदक जीतकर भारत लौटे, जिसमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य शामिल है। भारत अपने नायकों को देश के हर कोने से देखता है और भारतीय अभियान की सबसे बड़ी सितारा यकीनन 20 वर्षीय अवनि लेखारा थीं, जिन्होंने स्वर्ण और कांस्य पदक जीता था। हालांकि, कई अन्य खिलाड़ी भी ऐसे थे जिन्होंने अपनी लड़ाई से देशवासियों का दिल और दिमाग जीत लिया।

3. हॉकी कांस्य पदक

हॉकी में लंबे समय से चले आ रहे पदकों के सूखा को, भारतीय पुरुष टीम ने कांस्य पदक जीतकर खत्म किया। भारत ने रोमांचक मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हराया। ओलंपिक के इतिहास में सबसे सफल हॉकी टीम ने आखिरी बार 1980 के मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम भी टोक्यो में अपना पदक खाता खोलने के करीब पहुंच गई थी। लेकिन उन्हें कांस्य पदक के प्ले-ऑफ़ में ग्रेट ब्रिटेन से हार का सामना करना पड़ा।

4. मीराबाई चानू का रजत पदक

भारत ने संभवत: अपना सबसे मजबूत ओलंपिक दल टोक्यो भेजा था। भारत को इस टीम से एक अभूतपूर्व पदक की उम्मीद थी। विश्व स्तरीय निशानेबाजों, तीरंदाजों, पहलवानों और मुक्केबाजों से सजी टीम को 2020 के खेलों में अच्छी शुरुआत की सख्त जरूरत थी। मीराबाई चानू ने पहले ही दिन रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोल दिया। हालांकि, इसके बाद अधिकांश पदक की उम्मीदें खाली हाथ ही रहीं।

5. लवलीना बोर्गोहेन का कांस्य पदक

एक अंडरडॉग की कहानी को कौन पसंद नहीं करता! लाखों भारतीयों के लिए, ऐसी स्थायी कहानी की पटकथा लवलीना बोर्गोहेन ने टोक्यो ओलंपिक के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन के साथ लिखी। उन्होंने महिला मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीता और इस प्रक्रिया में ओलंपिक पदक जीतने वाली दिग्गज एमसी मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद वो केवल दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज और कुल मिलाकर तीसरी खिलाड़ी बन गयीं। वह असम से ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली महिला भी थीं।


6. पीवी सिंधु का कांस्य पदक

पीवी सिंधु एक 'हैबिचुअल' विजेता हैं, जो इस भारतीय खिलाड़ी की एक दुर्लभ विशेषता भी है। पहले से ही एक विश्व चैंपियन और सबसे सफल शटलरों में से एक, पीवी सिंधु कई ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला और देश की दूसरी खिलाड़ी बनीं। रियो ओलंपिक में रजत पदक विजेता इस खिलाड़ी ने टोक्यो खेलों में कांस्य पदक जीता। सबसे अच्छी बात यह है कि पीवी सिंधु अभी मात्र 26 साल की हैं।

7. गाबा टेस्ट

इस निर्णायक मैच से पहले पूरी भारतीय टीम बैसाखी के सहारे चल रही थी। लेकिन कुछ नए और अनुभवहीन भारतीय खिलाड़ियों के एक समूह ने क्रिकेट के इतिहास में गाबा पर ऑस्ट्रेलिया की चली आ रही अपराजेय दबदबे को समाप्त कर दिया।

8. सुनील छेत्री का रिकॉर्ड

भारत के कप्तान सुनील छेत्री को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे शानदार स्कोरर के रूप में याद किया जाएगा।  वह पहले से ही लियोनेल मेस्सी के साथ सक्रिय स्कोरर की सूची में संयुक्त-दूसरे स्थान पर है और केवल क्रिस्टियानो रोनाल्डो से पीछे है। 2021 में, सुनील छेत्री (80) ने महान पेले (77) के अंतरराष्ट्रीय गोल के रिकार्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

9. चेन्नई सुपर किंग्स ने जीता आईपीएल 2021

चेन्नई सुपर किंग्स ने यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग के 2021 के संस्करण को जीतने के लिए एक विंटेज प्रदर्शन किया। चेन्नई की टीम का पुराने खिलाड़ियों की लाइन-अप के कारण अक्सर 'डैड्स आर्मी' कहकर मजाक उड़ाया गया, लेकिन धोनी की आर्मी ने दिखाया कि अनुभव एक सतत विकसित प्रारूप में भी मायने रखता है। इस जीत के साथ सीएसके मुंबई इंडियंस के पांच आईपीएल जीत के करीब पहुँच गयी है।

10. मिताली राज का करतब

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्तंभ के रूप में प्रतिष्ठित मिताली राज, 39 वर्ष की उम्र में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। 2021 में, वह इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स (10,273) को पछाड़कर, क्रिकेट के सभी प्रारूपों में महिला क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई।  मिताली राज ने 3 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एकदिवसीय मैच के दौरान यह उपलब्धि हासिल की। वह नए साल की शुरुआत 10,454 अंतरराष्ट्रीय रनों के साथ करेंगी।

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