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टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए छह उम्मीदवार हुए फाइनल, जानिए इनके बारे में

आउटलुक टीम - AUG 13 , 2019
टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए छह उम्मीदवार हुए फाइनल, जानिए इनके बारे में
टीम इंडिया के मुख्य कोच पद के लिए छह उम्मीदवार हुए फाइनल, जानिए किसका पलड़ा भारी
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पूर्व भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने मेन इन ब्लू के मुख्य कोच पद के लिए छह उम्मीदवारों को चुना है। यहां तक कि रवि शास्त्री (जिन्हें क्रिकेट विश्व कप के बाद 45 दिनों का एक्सटेंशन दिया गया था) को भी सूची में शामिल किया गया है। अन्य उम्मीदवारों में न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर और श्रीलंका के कोच टॉम मूडी, वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर और अफगानिस्तान के कोच फिल सिमंस, भारत के पूर्व टीम मैनेजर लालचंद राजपूत और पूर्व क्षेत्ररक्षण कोच रॉबिन सिंह शामिल हैं।

16 अगस्त को मुंबई में होगा इंटरव्यू

बीसीसीआई के मुताबिक मुख्य कोच पद के लिए छह उम्मीदवारों का इंटरव्यू इसी शुक्रवार 16 अगस्त को मुंबई में होगा। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये छह उम्मीदवार सीएसी के समक्ष मुख्य कोच के लिए प्रस्तुति देंगे। यह पता चला है कि इन छह को सीएसी के साथ साक्षात्कार के लिए सूचीबद्ध किया गया है। विराट कोहली ने पहले भी खुलासा किया था कि वह शास्त्री के पद पर बने रहने के पक्ष में हैं, हालांकि इस बात के लिए उन्हे काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी।

सपोर्ट स्टाफ के इंटरव्यू के लिए समय निर्धारित नहीं

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) ने टीम इंडिया का मुख्य कोच चुनने के लिए फिर से क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) बनाई है। इस तीन सदस्यों वाली कमेटी के मुखिया टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव हैं। कपिल देव के अलावा इसमें अंशुमन गायकवाड़ और पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी का नाम शामिल है, जो इस कमेटी के सदस्य हैं। वहीं, बाकी सपोर्ट स्टाफ का इंटरव्यू एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली सीनियर सलेक्शन कमेटी को करना है, जिसके लिए समय निर्धारित नहीं हुआ है।  

आईए जानते हैं इन छह नामंकित उम्मीदवारों के बारे में:

रवि शास्त्री

टीम इंडिया के साथ शास्त्री निदेशक के रूप में भी जुड़े रहे थे, जिस पद को लेकर तमाम पूर्व दिग्गजों ने सवाल भी उठाए थे। शास्त्री का कोचिंग कार्यकाल कई बार सवालों के घेरे में रहा जिसमें खिलाड़ियों के अनुशासन से लेकर उनके कुछ बयान भी विवादित रहे। जबकि प्रदर्शन की बात करें तो उनकी मौजूदगी में टीम इंडिया का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा।

माइक हेसन

न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन भी भारतीय कोच के पद की दौड़ में हैं। माइक हेसन न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कोच के तौर पर शुमार रहे हैं और 2015 क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में टीम को पहुंचाने का श्रेय भी उनको मिला था। माइक हेसन छह साल तक न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कोच रहे और उन्होंने 2018 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। अब 44 वर्षीय माइक हेसन इस साल एक बार फिर कोचिंग में लौटे जब उन्हें आईपीएल 2019 में किंग्स इलेवन पंजाब का कोच नियुक्त किया गया। उन्हें हितों के टकराव के मामले से बचने के लिए अपना हलफनामा जमा करना पड़ा है।

टॉम मूडी

टॉम मूडी 2005 में श्रीलंकाई टीम के कोच बने और 2007 में श्रीलंका विश्व कप फाइनल तक भी पहुंची। 2007 में वो ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न वॉरियर्स टीम के मैनेजर बने आईपीएल के पहले सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब के कोच बने। बाद में कुछ साल कमेंट्री करते रहने के बाद वो 2012 में आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के कोच बने और उनकी कोचिंग में 2013 से 2019 के बीच हैदराबाद ने 5 बार प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया और 2016 में खिताब भी जीता। इस समय वो बिग बैश लीग, पाकिस्तान सुपर लीग और कनाडा ग्लोबल टी20 लीग से भी जुड़े हुए हैं।

रॉबिन सिंह

टीम इंडिया के पूर्व धुरंधर खिलाड़ी रॉबिन सिंह 2004 में ये सफर हांगकांग क्रिकेट टीम का कोच बनकर हुआ और 2006 में इंडिया-ए टीम के कोच बन गए। अगले साल यानी 2007 में वो टीम इंडिया के साथ फील्डिंग कोच के रूप में जुड़े और उसी समय भारत ने टी-20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। उसके अगले साल वो आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स के कोच बने और 2010 में मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ने के बाद अब तक वो मुंबई के साथ आईपीएल में बने हुए हैं। इसके अलावा दुनिया की तमाम टी-20 लीग्स जैसे बांग्लादेश प्रीमियर लीग और कैरेबियन प्रीमियर लीग में भी वो कोचिंग करते रहे हैं। उन्होंने 2011 में अमेरिकी टीम को भी कोचिंग सेवाएं दी थी।

फिल सिमंस

साल 2002 में वेस्टइंडीज क्रिकेट को अलविदा कहने वाले फिल सिमंस ने संन्यास के बाद 2004 में जिंबाब्वे का कोच बनकर अपने कोचिंग करिअर का आगाज किया। ये शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन उसके बाद 2007 में आयरलैंड क्रिकेट टीम से जुड़ने के बाद सब कुछ बदल गया। साल 2007 के विश्व कप में आयरलैंड ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को हराया जबकि 2015 विश्व कप में उनकी टीम ने इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे को मात देकर सबका दिल जीत लिया। उन्होंने आयरलैंड की 244 मैचों तक कोचिंग की जिस दौरान आयरलैंड ने तकरीबन 11 खिताब जीते। 2015 विश्व कप के बाद वो वेस्टइंडीज टीम के कोच बने और वेस्टइंडीज ने भी टी-20 विश्व कप 2016 जीतकर दूसरी बार इतिहास रचा। साल 2017 में वो अफगानिस्तानी टीम के कोच बने।

लालचंद राजपूत

दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में लालचंद राजपूत भारतीय टीम के मैनेजर थे। फिर आईपीएल के पहले सीजन (2008) में वो मुंबई इंडियंस के कोच रहे। उस दौरान हरभजन सिंह-श्रीसंत थप्पड़ कांड के दौरान वो कैमरे में हंसते हुए कैद हुए थे जिस पर काफी विवाद हुआ था। बीसीसीआई भी उनसे नाराज था। खैर, 2016 में राजपूत देश से बाहर निकले और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कोच बने। उन्हीं की कोचिंग में अफगानिस्तान ने आईसीसी में पूर्ण सदस्यता हासिल कर ली। फिर 2018 में वो जिंबाब्वे के अंतरिम कोच बने और उसी साल उन्हें परमानेंट कर दिया गया। जून 2019 में वो कनाडा ग्लोबल टी-20 लीग में विनिपेग हॉक्स के कोच बने और इसी रविवार को उनकी टीम चैंपियन भी बन गई। ऐसे में उनका नाम भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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