Home खेल क्रिकेट लोकपाल गांगुली को बुला सकते हैं, लेकिन दिल्ली डगआउट में बैठने पर कोई रोक नहीं

लोकपाल गांगुली को बुला सकते हैं, लेकिन दिल्ली डगआउट में बैठने पर कोई रोक नहीं

आउटलुक टीम - APR 10 , 2019
लोकपाल गांगुली को बुला सकते हैं, लेकिन दिल्ली डगआउट में बैठने पर कोई रोक नहीं
लोकपाल गांगुली को बुला सकते हैं, लेकिन दिल्ली डगआउट में बैठने पर कोई रोक नहीं
आउटलुक टीम

बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष एवं पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को उनके खिलाफ हितों के टकराव की शिकायत के बावजूद आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में बैठने से नहीं रोका जाएगा। उन्हें इस मामले में बीसीसीआई लोकपाल के सामने स्वयं उपस्थित होना पड़ सकता है। गांगुली दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार हैं जिसे 12 अप्रैल को कोलकाता में कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ मैच खेलना है। 

तीन प्रशंसकों ने की थी शिकायत

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार जस्टिस (रिटायर्ड) डी के जैन इस मामले में अंतिम फैसला देने से पहले इस पूर्व भारतीय कप्तान का पक्ष सुनना चाहते हैं। कोलकाता के तीन प्रशंसकों भासवती सांतुआ, रणजीत सील और अभिजीत मुखर्जी ने बीसीसीआई लोकपाल डी के जैन को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पूर्व भारतीय कप्तान की दोहरी भूमिका हितों के टकराव के अंतर्गत आती है।

गांगुली लोकपाल के समक्ष रख चुके हैं अपना पक्ष

गांगुली ने लोकपाल के नोटिस पर इन आरोपों का सिरे से खंडन किया था। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि सौरव (गांगुली) को दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में बैठने से नहीं रोका गया है। यह मामला अब भी लोकपाल के पास लंबित है और कोई कानून उन्हें डगआउट में उपस्थित रहने से नहीं रोक सकता है। उन्होंने बताया लेकिन हां अगर वह किसी अन्य जगह पर बैठना चाहते हैं तो यह उनका फैसला होगा। जस्टिस जैन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि खास मैच उनकी चिंता नहीं है। इसलिए मामला पहले ही साफ हो गया है। 

होना पड़ सकता है उपस्थित 

जब उन्होंने लोकपाल को अपना जवाब भेज दिया है तो फिर उन्हें स्वयं उपस्थित होने की क्यों जरूरत पड़ रही है, इस पर अधिकारी ने कहा कि  प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना है। यहां तक कि हार्दिक पंड्या और केएल राहुल को भी लिखित जवाब देने के बाद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ा था। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि लोकपाल सौरव को बुलाएंगे लेकिन मामले को बंद करने से पहले उनके पास यह विकल्प है।

सौरव के खिलाफ भी हो सकते हैं शिकायतकर्ता

बीसीसीआई में से कई लोगो का मानना है कि हितों के टकराव का कोई मामला नहीं है और गांगुली आराम से अपनी दोनों भूमिकाओं में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लोकपाल के निर्णय लेने की रेखा का अनुमान नहीं लगा सकता लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये आरोप असंतुष्ट कुछ लोगों के कारण हो सकते हैं, जो सौरव के खिलाफ हों, और क्या इन सभी मुद्दों को इसमें शामिल करने की आवश्यकता है।

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