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जय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, बढ़वाना चाहते हैं बीसीसीआई सचिव का अपना कार्यकाल

आउटलुक टीम - MAY 19 , 2020
जय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, बढ़वाना चाहते हैं बीसीसीआई सचिव का अपना कार्यकाल
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने अपने कार्यकाल बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
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आउटलुक टीम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव पद पर अपने कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सूत्रों के मुताबिक जय शाह ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट को एक ई-मेल भेजकर यह आग्रह किया है। जय शाह ने अपनी याचिका में स्पष्ट तौर पर कहा है कि कोरोनो वायरस महामारी के कारण क्रिकेट संघ संकट का सामना कर रहा है। उनके कार्यकाल को बढ़ाना बीसीसीआई को मदद करेगा। बता दें, शाह को अक्टूबर 2019 में बीसीसीआई सचिव के रूप में चुना गया था। वह उन पांच पदाधिकारियों में से एक थे जिन्हें मुंबई में बीसीसीआई चुनावों में निर्विरोध चुना गया था। 

इन पदों के लिए ये नाम चुने गए थे

बीसीसीआई के लिए चुने गए पदाधिकारियों में सचिव जय शाह के अलावा सौरव गांगुली को अध्यक्ष, अरुण सिंह धूमल को कोषाध्यक्ष, जयेश जॉर्ज को संयुक्त सचिव और माहिम वर्मा को उपाध्यक्ष चुना गया था। अरुण सिंह धूमल बीजेपी नेता व बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के भाई हैं।

तीन साल के लिए पद से हटना अनिवार्य: लोढ़ा समिति

जब जय शाह और सौरव गांगुली बीसीसीआई के सचिव और अध्यक्ष चुने गए थे, तब यह कहा गया था कि इनका कार्यकाल पूरे तीन साल का नहीं होगा। जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किए गए बीसीसीआई के नए नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति, जो राज्य संघ के साथ बीसीसीआई का लगातार साल तक पदाधिकारी रहा हो, उसे तीन साल तक कूलिंग पीरियड में रहना होगा, यानी वह कोई पद ग्रहण नहीं कर सकता। जय शाह बीसीसीआई के सचिव बनने से पहले 2013 से गुजरात क्रिकेट संघ में संयुक्त सचिव थे। इसी तरह से गांगुली भी पूर्व में बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव और बाद में अध्यक्ष पद पर रहे।

7 मई को बीसीसीआई सचिव के रूप में काम करना किया बंद

जय शाह ने 7 मई को बीसीसीआई सचिव के रूप में काम करना बंद कर दिया था। कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर उन्होंने विस्तृत आवेदन दिया है। पिछले साल दिसंबर में बोर्ड की 88वीं वार्षिक आम बैठक में सदस्यों ने सौरव गांगुली और उनकी टीम को बीसीसीआई में पूरे छह साल तक काम करने पर सहमति जताई थी। अब जय शाह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट फैसला लेगी। कोर्ट ने इससे पहले अपने फैसले में बीसीसीआई के प्रति नरम रवैया अपनाया था। अब अगर कोर्ट जय शाह के पक्ष में फैसला देती है तो सौरव गांगुली के लिए भी आगे का रास्ता आसान हो जाएगा। उनका कार्यकाल जुलाई में खत्म होगा।

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