Home खेल क्रिकेट गांगुली और तेंडुलकर ने धोनी के बल्लेबाजी क्रम से छेड़-छाड़ को बताया एक बड़ी गलती

गांगुली और तेंडुलकर ने धोनी के बल्लेबाजी क्रम से छेड़-छाड़ को बताया एक बड़ी गलती

आउटलुक टीम - JUL 11 , 2019
गांगुली और तेंडुलकर ने धोनी के बल्लेबाजी क्रम से छेड़-छाड़ को बताया एक बड़ी गलती
गांगुली और तेंडुलकर ने धोनी के बल्लेबाजी क्रम से छेड़-छाड़ को बताया एक बड़ी गलती
आउटलुक टीम

सेमीफाइनल में भारत, न्यूजीलैंड से 18 रनों से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। भारत की हार के साथ महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज भी धोनी के बल्लेबाजी को लेकर चर्चा कर रहे हैं और धोनी के बैंटिंग ऑर्डर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सौरव गांगुली और सचिन तेंडुलकर ने भी इस बात पर आश्चर्य जताया कि धोनी को सात नंबर के बजाए पांच पर बल्लेबाजी के लिए आना चाहिए था। इन दोनों ने धोनी को सातवें स्थान पर उतारने को बड़ी गलती बताया।

गांगुली ने कमेंट्री के दौरान कहा कि वह धोनी के अपने सामान्य स्थान पर बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजे जाने से आश्चर्यचकित थे, तो वहीं तेंडुलकर ने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान अगर नंबर पांच पर बल्लेबाजी करते तो मैच पर काफी फर्क पड़ता।

धोनी के होने से दूसरे बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर पड़ता है सकारात्मक प्रभाव

गांगुली ने कहा कि अगर धोनी ऊपर बल्लेबाजी करने आते तो न केवल धोनी की बल्लेबाजी बल्कि दूसरे छोर से युवा बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता। ऋषभ पंत ने सेट थे, लेकिन वे न्यूजीलैंड के स्पिनर की बॉल पर शॉट मारकर आउट हो गए, जिससे कप्तान विराट कोहली भी बेहद खफा थे और उन्हें कोच रवि शास्त्री के साथ बात करते देखा गया।

साथ ही गांगुली ने यह भी कहा कि भारत को उस समय अनुभव की जरूरत थी। जब पंत बल्लेबाजी कर रहे थे और अगर उस वक्त धोनी क्रीज पर होते तो वे पंत को वह शॉट नहीं खेलने देते। इंग्लैंड में यह बहुत बड़ा फैक्टर होता है। धोनी को ऊपरी क्रम में खेलना चाहिए था। आपको तब केवल बल्लेबाजी ही नहीं संयम की भी जरूरत पड़ती है। वो लगातार विकेट नहीं गिरने देते। जब जडेजा खेल रहे थे तो धोनी वहां थे। आपसी बातचीत मजबूती प्रदान करती है। धोनी को सातवें नंबर पर नहीं उतारा जा सकता था।

अनुभव को देखकर ऊपरी क्रम पर भेजना चाहिए था

वहीं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने भी धोनी के सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के फैसले को गलत बताया है। सचिन ने कहा है कि धोनी को जल्दी नहीं भेजना बहुत बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि यहां सवाल उठ सकता है कि इस तरह की विषम परिस्थिति में क्या आप धोनी को उनके अनुभव को देखकर ऊपरी क्रम में नहीं भेजा जाना चाहिए था। पारी के आखिर में वह जडेजा को समझाते रहे और उन्होंने चीजों पर नियंत्रण रखा। सचिन ने यह भी कहा कि हार्दिक के स्थान पर धोनी को आना चाहिए था। मुझे लगता है कि दिनेश कार्तिक को पांचवें स्थान पर भेजना समझ से परे है। वहीं दिग्गजों ने मिडिल ऑर्डर में हो रहे लगातार खराब प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। सचिन ने कहा कि आप सिर्फ रोहित शर्मा और विराट कोहली पर निर्भर नहीं रह सकते हैं।

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