Home खेल क्रिकेट मुरलीधरन के टेस्ट रिकॉर्ड की बराबरी करने से अश्विन महज एक विकेट दूर

मुरलीधरन के टेस्ट रिकॉर्ड की बराबरी करने से अश्विन महज एक विकेट दूर

आउटलुक टीम - OCT 05 , 2019
मुरलीधरन के टेस्ट रिकॉर्ड की बराबरी करने से अश्विन महज एक विकेट दूर
मुरलीधरन के टेस्ट रिकॉर्ड की बराबरी करने से अश्विन महज एक विकेट दूर
आउटलुक टीम

भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने लगभग एक साल बाद मैदान पर वापसी की। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले की पहली पारी में 145 रन सात अहम विकेट चटकाए। अश्विन की इस शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने साउथ अफ्रीका की पहली पारी 431 रन पर समेटने में कामयाबी हासिल की।

349 विकेट ले चुके हैं

भारतीय फिरकी उस्ताद अश्विन अब सबसे तेज 350 टेस्ट विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब हैं। अश्विन ने विशाखापत्तनम टेस्ट की पहली पारी में सात विकेट हासिल कर विकटों की संख्या 349 कर ली है। अब वह 350वीं टेस्ट विकेट से महज एक कदम दूर हैं। 350वां विकेट हासिल करते ही अश्विन पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन के साथ इस विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

66वें टेस्ट मैच में लिए थे 350 विकेट

टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 350 विकेट लेने का रिकॉर्ड इस वक्त श्रीलंकाई के पूर्व स्पिनर मुरलीधरन के नाम हैं। उन्होंने 66वां टेस्ट मैच खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी। मुरलीधरन, जिनके नाम पर सबसे लंबे प्रारूप में 800 विकेट लेने का रिकॉर्ड है, ने 2001 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने 66वें टेस्ट मैच में 350 विकेट की उपलब्धि हासिल की थी। वहीं अश्विन अपना 66वां टेस्ट खेल रहे हैं और उनको बस एक विकेट और लेना है इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए। न्यूजीलैंड के रिचर्ड हेडली ने 69 टेस्ट में 350वां विकेट हासिल किया था। भारत की तरफ से अनिल कुंबले ने 77वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की थी।

27वीं बार घर पर पांचविकेट लेने का कारनामा किया

भारत ने विशाखापत्तनम टेस्ट के दूसरे दिन अपनी पहली पारी 502 रन पर घोषित की थी। दूसरे दिन के आखिरी सेशन में आर अश्विन की लाजवाब गेंदबाजी की बदौलत ही भारत ने मेहमान टीम के तीन विकेट गिराए थे। इसमें से अश्विन के नाम दो विकेट रहे थे। तीसरे दिन उन्होंने तीन विकेट हासिल कर 27वीं बार घर पर पांच विकेट लेने का कारनामा किया था। चौथे दिन पहले सेशन के खेल में साउथ अफ्रीका के बचे दोनों विकेट अश्विन ने हासिल किए और भारत को 71 रन की अहम बढ़त दिलाई।

2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था

अश्विन ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और तब से भारतीय सेट-अप का हिस्सा रहा है, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट में। हालांकि उन्हें वेस्टइंडीज में दो मैचों की श्रृंखला में शामिल नहीं किया गया था जिसमें भारत ने आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में अपने पहले अंक दर्ज करने के लिए क्लीन स्वीप किया था।

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