शिवसेना ने मांग की है कि विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को सऊदी अरब से भारत लौटते ही गिरफ्तार किया जाए और उनके पीस टीवी नेटवर्क को फौरन पूरी तरह से बंद किया जाए।
देशद्रोह के आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी पर विवादास्पद बयान दिया है। उमर खालिद ने वानी की तुलना मार्क्सवादी क्रांतिकारी चे ग्वेरा से की है। खालिद ने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, ‘चे ग्वेरा ने कहा था- अगर मैं मर जाऊं और कोई दूसरा मेरी बंदूक उठाकर गोलियां चलाता रहे तो मुझे परवाह नहीं, लेकिन ऐसे ही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे।’ उमर के इस कथन पर अखिल भारतीय विद़यार्थी परिषद भड़क गई है।
अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। आदित्यनाथ ने इस बार मदर टेरेसा को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि टेरेसा जैसे लोगों ने भारत के ईसाईकरण की कोशिश की।
करीब दो साल पहले यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को मजबूर हुए अकबर चौधरी को विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में इन आरोपों से मुक्त कर दिया गया है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेएनयू के छात्राें उमर खालिद और अनिर्वाण भट्टाचार्य के खिलाफ संस्थान द्वारा की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर शुक्रवार को, तब तक के लिए रोक लगा दी जब तक विश्वविद्यालय का अपीलीय प्राधिकरण फैसले के खिलाफ उनकी अपीलों पर कोई निर्णय नहीं कर लेता।
आतंकी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) भारत में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारेबाजी के बाद मचे हंगामे का फायदा उठाना चाहता था। आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित एक संदिग्ध आतंकियों के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सामने दिए बयान के बाद इस तरह की जानकारी सामने आई।
प्रख्यात इतिहासकार रोमिला थापर और शिक्षाविद दीपक नैयर सहित जेएनयू के दस प्रोफेसर एमिरेट्स ने विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश कुमार को पत्र लिखा है। शिक्षाविदों ने जेएनयू प्रशासन पर 9 फरवरी को हुए विवादास्पद कार्यक्रम के सिलसिले में छात्रों को कड़ा दंड देकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया है।
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एक बार फिर जेएनयू प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है। कन्हैया ने विश्वविद्यालय के वीसी के उस बयान का विरोध किया है जिसमें उन्होंने कैंपस में जारी भूख हड़ताल को गैरकानूनी कहा था।