प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंबेडकर जयंती के मौके पर डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने के लिए भीम-आधार डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। यह पेमेंट सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिनके पास डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट और मोबाइल फोन नहीं है। इसे सफल बनाने के लिए एक रेफरल योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत हर नए व्यक्ति को भीम एप से जोड़ने पर 10 रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
वित्त अधिनियम-2017 के तहत एक जुलाई से देश में आय कर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य हो जाएगा। इसके अलावा पैन कार्ड बनवाने के लिए भी एक जुलाई से आधार अनिवार्य हो जाएगा।
उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने केंद्र की मोदी सरकार को सांकेतिक भाषा में नसीहत दी है। पंजाब यूनिवर्सिटी के 66 वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि छात्रों को सम्बोधित कर रहे थे। अपने सम्बोधन में उन्होंने विश्वविद्यालयों के बिगड़ते माहौल पर चिंता जताई।
फर्जी लाइसेंस बनाने पर रोक लगाने के लिए अब आधार को अनिवार्य किया जा सकता है। केंद्र सरकार इस तरह का प्रस्ताव राज्य सरकारों को भेजने वाली है। इससे एक ही नाम पर अलग-अलग राज्यों में लाइसेंस बनाने पर रोक लगेगी। नए लाइसेंस और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए जल्द ही यह नियम लागू होगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार का रास्ता मुश्किल भरा रहा है क्योंकि वित्त वर्ष 2015-16 में औसत निवेश सूचकांक वित्त वर्ष 2006-07 के उच्चतम स्तर के मुकाबले लगभग 35 प्रतिशत नीचे रहा है। यह बात सिटीग्रुप की एक रपट में कही गई है।
अभद्र टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा हुए पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को अपनी पत्नी के खिलाफ चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी है। दयाशंकर ने बसपा प्रमुख द्वारा कथित रूप से चुनाव के टिकट बेचे जाने की सीबीआई जांच की भी मांग की।
जीवन के सबसे सुनहरे दौर से गुजर रहे पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देना आसान नहीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा की पहचान उन्हीं से होती है। मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज सबसे ताकतवर हैं। आज इन्हीं के नाम पर भाजपा चुनाव लड़ती है। कामयाबी का श्रेय भी इन दोनों को मिलता है। दोनों के फैसलों पर शायद ही किसी के पास आवाज उठाने की कूबत है। केंद्र में मोदी सरकार को दो साल हो गए हैं। इस दौरान भाजपा के किसी नेता ने भी मोदी को चुनौती नहीं दी। लेकिन क्रिकेट और बॉलीवुड से आए नेताओं ने मोदी को तवज्जो नहीं दी है।
क्या कोई बच्चा गणित का कठिन से कठिन सवाल तीन मिनट में हल कर सकता है। जवाब हां भी हो सकता है लेकिन 120 सवालों के जवाब अगर तीन मिनट में हल करना हो तो यह कैसे संभव है। लेकिन एबेकस तकनीकी के जरिए एक, दो या तीन बच्चें नहीं बल्कि तीन हजार बच्चों ने जब एक साथ सवालों के जवाब हल करना शुरू किया तो सभी ने दांतों तले उंगली दबा ली।