प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जम्मू और कश्मीर में सभी वर्ग के लोगों की शिकायतों को संविधान के अनुरूप दूर करने को तैयार है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि देश की अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने शनिवार को कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान के समर्थन वाले सीमा पार आतंकवाद को घाटी में अशांति की मूल वजह बताया। बैठक में कश्मीर में भाजपा की गठबंधन सहयोगी पीडीपी और विपक्षी दलों ने भी शिरकत की।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली से पूछताछ के आधार पर कहा है कि उसे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से निर्देश मिलते थे। बहादुर अली ने एनआईए को बताया है कि उसे पाकिस्तान में लश्कर के ठिकानों पर ट्रेनिंग दी गई और कश्मीर में माहौल बिगाड़ने का काम सौंपा गया। इसमें पाकिस्तान सेना का भी सहयोग रहता था।
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाउद्दीन ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध हो सकता है। सलाउद्दीन ने भारत को ये धमकी कराची में जमात-ए-इस्लामी नेताओं की कश्मीर मु्द्दे पर हुई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।
लंबे अर्से के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरक्षक एवं धर्म-जाति के आधार पर अत्याचार कर रहे कट्टरपंथियों को कड़ी फटकार लगाई। इससे असामाजिक और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों की सरकारी मशीनरी को अधिक सक्रियता से कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।
भाजपा सांसद आर.के. सिंह ने केंद्र सरकार की कश्मीर नीति पर सवाला उठाया और कहा कि राज्य के लिए सरकार की नीति पूरी तरह गलत है और राज्य की स्थिति से कड़ाई के साथ निपटा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने शनिवार को असम के कोकराझार पहुंच कर उस स्थान की गहन जांच की जहां शुक्रवार को आतंकवादी हमला हुआ था। जांच एजेंसी ने घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों से भी बातचीत की।
असम में बोडोलैंड के केंद्र कोकराझार में शुक्रवार को आतंकवादी हमले में 14 लोगों की मौत हो गई। काले कपड़ेे पहने हमलावरों ने बाजार में जमकर फायरिंग और गोलाबारी की। हमले में 20 लोग घायल हुए हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
पाकिस्तान की ऐसी दशा और आतंकी छवि कभी नहीं थी। 1965 और 1971 के युद्ध के बाद भी भारत-पाकिस्तान की वार्ताओं में कूटनीतिक शिष्टाचार एवं सम्मान प्रदर्शित होता था। अयूब खान, जिया उल हक और जनरल मुशर्रफ के सत्ताकाल में भी दिल्ली, इस्लामाबाद, लाहौर या आगरा में दोनों देशों के नेताओं के साथ कूटनीतिक गरिमा की रक्षा होती रही।
मुंबई की विशेष मकोका अदालत ने 2006 के औरंगबाद हथियार मामले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी और 26/11 का साजिशकर्ता सैयद जैबुद्दीन अंसारी उर्फ अबु जुंदाल समेत सात आरोपियों को भी उम्र कैद की सजा सुनाई है। इससे पहले 28 जुलाई को कोर्ट ने 2006 के औरंगबाद हथियार ढुलाई मामले में आज 12 आरोपियों को दोषी करार दिया था।