देश के बैंकों के करीब 9000 करोड़ रुपए लेकर विदेश में रह रहे भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की भारत की मांग को ब्रिटिश सरकार ने मंजूर कर लिया है। मंजूरी के बाद ब्रिटिश सरकार ने इस मांग को वेस्टमिनस्टर कोर्ट के समक्ष रखा है।
महान क्रिकेटर इयान और ग्रेग चैपल समेत आस्ट्रेलिया की जानी-मानी हस्तियों ने भारत के प्रमुख व्यवसायी गौतम अडानी से क्वींसलैंड में कोयले की खान की विवादास्पद परियोजना को रद्द करने की अपील की।
स्टीव स्मिथ का पूरी तरह से बचाव करते हुए क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कहा कि उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना गलत है और भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान डीआरएस के विवादास्पद फैसले पर ड्रेसिंग रूम से मदद लेने के आस्टेलियाई कप्तान के फैसले में कोई गलत इरादा नहीं था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुस्लिम बहुल सात देशों के लोगों पर प्रतिबंध लगाने वाले विवादित आव्रजन आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद से अमेरिका ने 60,000 वीजा रद्द किए हैं।
अपने बारे में भाजपा नेता विनय कटियार की टिप्पणी को लेकर प्रहार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि कटियार का बयान देश की आधी आबादी यानि महिलाओं के बारे में भाजपा की सोच को बेनकाब करता है। कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान करने के लिए माफी मांगने की मांग की है।
भारत के शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा बैंकों से कर्ज लेकर न चुकाने के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 स्थानों पर छापेमारी कर आईडीबीआई के पूर्व चेयरमैन योगेश अग्रवाल समेत किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए रघुनाथन और एयरलाइंस के ही तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
रिण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने आज भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह के मामले में अपना आदेश सुनाते हुये बैंकों से कहा कि वह संकटग्रस्त उद्योगपति विजय माल्या और उनकी कंपनियों से किंगफिशर एयरलाइंस मामले में 6,203 करोड़ रुपये का कर्ज वसूलने की प्रक्रिया शुरू करें। इस राशि पर 11.5 प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज भी लगाया जायेगा।
शराब कारोबारी विजय माल्या ने केंद्र की मोदी सरकार के अधीन जांच एजेंसियों पर हमला किया है। विजय माल्या ने ट्वीट कर पीएम मोदी और जांच एजेंसियों पर टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट किया कि, “भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने के बारे में सोचने वाले हमारे पीएम क्या इस बात की गारंटी ले सकते हैं कि उनके शासन में जांच एजेंसियां निष्पक्ष और सही तरीके से काम कर रही हैं या नहीं?”