जेएनयू में वामपंथ को न मानने वालों के बीच एक ज़ुमला खासा मशहूर है कि देश भर के लेफ्टिस्टों को एक पिंजरे में बंद करने के लिए इंदिरा गाँधी ने जेएनयू बनाया। जेएनयू ही वो जगह है जहाँ (1969 से 2016 तक एक उदाहरण को छोड़कर जब 2001 में एबीवीपी के संदीप महापात्र कुछ वोटों से जीत गए थे) चुनाव दर चुनाव वामपंथ अपना किला सलामत रख सका है।
आरएसएस के प्रवक्ता का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का कदम उठाया गया है। इससे पहले भी (पश्चिम बंगाल) सरकार ऐसा कर चुकी है। वे इस कदम की निंदा करते हैं।
12 जुलाई को उत्तरप्रदेश विधानसभा में 150 ग्राम संदिग्ध पाउडर मिलने का खुलासा हुआ। जिसके बाद लखनऊ के फारेंसिक लैब ने फॉरेंसिक जांच मे विस्फोटक मिलने की पुष्टि की थी।
परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "हमने एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण सफलतापूर्वक किया है, नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) में लोड किया जा सकता है।"
दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट पर बुधवार को हुए उपचुनाव में शाम 6 बजे तक सिर्फ 45 फीसदी मतदान हुआ। वैसे तो यह एक सीट का उपचुनाव है, लेकिन इसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए अहम बताया जा रहा है।