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‘सफल होने की होड़ और बाजारवाद चिंता का विषय’

‘सफल होने की होड़ और बाजारवाद चिंता का विषय’

लोगों में आज सफल होने की होड़ तेजी से बढ़ने पर चिंता व्यक्त करते हुए जानी मानी लेखिका अलका सरावगी ने कहा कि आज बाजार सबके लिए मूल्यबोध के पैमाने बनने के साथ साधन एवं साध्य बन गया है और ऐसे में लेखकों की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है।
ऑनलाइन सुखन का सुख

ऑनलाइन सुखन का सुख

आभासी संसार ने कई वास्तविक अनुभव दिए हैं। इनमें से ही है नए और युवा प्रकाशक जो जिन्होंने न सिर्फ रचनाओं को बदल दिया बल्कि इस उद्योग को भी।
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