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चंद्रशेखर, यशवंत, सुशील मोदी, सीपी ठाकुर रणवीर सेना के मददगार: कोबरा पोस्‍ट

चंद्रशेखर, यशवंत, सुशील मोदी, सीपी ठाकुर रणवीर सेना के मददगार: कोबरा पोस्‍ट

सोमवार को कोबरापोस्ट ने एक स्टिंग जारी कर पूरे देश में एक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। रणवीर सेना के कई पूराने कार्यकर्ताओं के इस स्टिंग में भाजपा के कई बड़े नेताओं का नाम रणवीर सेना को सहयोग करने में आया है।
ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

शिवसेना ने साफ कर दिया है कि कोल्हापुर निकाय चुनाव वह अपने दम पर लड़ेगी और भाजपा से गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में 25 वर्ष तक साथ चले दोनों दलों के दिल एक दूसरे से भर चुके हैं और सिर्फ सियासी मजबूरी ने ही उन्हें राज्य सरकार में एक साथ बना रखा है।
प्रियंका की अंगूठी

प्रियंका की अंगूठी

वैसे तो नायिकाओं की खास ऊंगली में यदि अंगूठी दिख जाए तो हंगामा हो जाता है। इस बार भी हंगामा तो है मगर इतना ज्यादा नहीं। हालांकि चर्चा में एक खास अंगूठी ही है।
पानी-पानी मुंबई, दोषी कौन

पानी-पानी मुंबई, दोषी कौन

शुक्रवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सारी गतिविधियां अचानक से रुक गईं। लगातार 24 घंटे की भारी बारिश और समुद्र में उठे ज्वार ने मुंबई की सड़कों और लोकल ट्रेन की पटरियों में इतना पानी भर दिया कि पूरे शहर में बाढ़ के हालात बन गए। लोकल के पहिये तो तत्काल थम ही गए, सड़कों पर भी गाड़ियां जहां-तहां खड़ी हो गईं। इसके साथ ही यह सवाल एक बार फिर से पूछा जाने लगा कि अगर शहर मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

1985 तक शिवसेना केवल मुंबई तक ही सीमित थी। महाराष्ट्र में इसके प्रसार का श्रेय छगन भुजबल को जाता है। शरद पवार 1986 में अपने कांग्रेस विरोधी समूह को सकते में छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उस वजह से बने खाली स्थान को शिवसेना ने भरा। आज भी मुंबई की शिवसेना और बाकी महाराष्ट्र की शिवसेना में अंतर है।
क्यों नहीं हिली पवार की कुर्सी?

क्यों नहीं हिली पवार की कुर्सी?

महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना भले ही मिलकर सरकार चला रहे हों मगर अब यह साफ हो चुका है सहयोग का यह भाव सिर्फ सरकार चलाने तक ही सीमित है। हकीकत यह है कि दोनों पार्टियां एक दूसरे को पटकनी देने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं।
आईफा में क्वीन और हैदर का जलवा

आईफा में क्वीन और हैदर का जलवा

क्वीन फिल्म का पुरस्कार जीतने का सिलसिला जारी है। विकास बहल की इस फिल्म ने आईफा अवॉर्ड समारोह में भी इस परंपरा को बनाए रखा। सोहलवें आईफा अवॉर्ड में क्वीन के साथ विशाल भारद्वाज की फिल्म हैदर की झोली में भी कई पुरस्कार आए। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री कंगना रनौत और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शाहिद कपूर के नाम रहा।
समीक्षा - दिल नहीं धड़का

समीक्षा - दिल नहीं धड़का

यदि दिल ऐसे ही धड़कता है तो फिर भगवान ही बचाए। जोया अख्तर (निर्देशक) यदि इस फिल्म का नाम दिमाग बंद रहने दो रखतीं तो एकदम बढ़िया रहता। जोया को समझना चाहिए कि कलाकारों का जमघट भर लगा देने से कोई फिल्म हिट नहीं हो जाती।
भाई-बहन रणवीर-प्रियंका

भाई-बहन रणवीर-प्रियंका

घने झुरमुटों के बीच मुंबई स्थित रेसकोर्स क्लब पर पसरी वह सुरमई शाम समंदर की लहरों के संग उस वक्त और खुशनुमा हो उठी थी जब जावेद अख्तर के संग जोया अख्तर मंच पर आई और अनिल कपूर से अपने परिवार का परिचय कराने को कहा। मौका था, दिल धडक़ने दो के जश्न का जो ट्रेलर लांच के तुरंत बाद सोशल मीडिया में छा गया है। अनिल कपूर ने अपने बच्चों यानि रणवीर सिंह और प्रियंका को प्यार से गले लगाया तो मंच पर आत्मीय माहौल होने के बावजूद प्रियंका-रणवीर के भाई बहन के इस अवतार को पहचानना मुश्किल नजर आ रहा था।
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